Naval Commanders Conference News: भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, और अन्य शीर्ष अधिकारी गोवा में विमान वाहक पोत में सवार हुए। पांच दिवसीय सम्मेलन का सिर्फ पहला दिन समुद्र में रहेगा। सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं में संचालन, युद्ध की तैयारी, रसद, प्रशिक्षण, मानव संसाधन विकास, संयुक्तता और स्वदेशीकरण से संबंधित मुद्दों को शामिल किया जाएगा। हिंद महासागर क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाने में जुटे चीन के लिए यह बैठक चिंता का सबब बन सकती है। युद्धपोतों पर ऐसे शीर्ष सम्मेलन बिरले ही होते हैं।
आईएनएस विक्रांत पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना की तैयारियों का जायजा लिया
दिसंबर 2015 में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि तट से दूर भारत के अन्य विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। नेवल कमांडरों के कान्फ्रेंस को विमान वाहक आईएनएस विक्रांत पर इसके कमिशन होने के छह महीने बाद आयोजित किया जा रहा है।
वर्तमान में INS विक्रांत पर उड़ान परीक्षण किए जा रहे हैं
फरवरी में, स्थानीय रूप से बनाए गए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) और रूसी-मूल मिग -29k के नौसेना संस्करण का एक प्रोटोटाइप पहली बार वाहक से उतर गया और पहली बार INS विक्रांत से उड़ान भरी।
फ्रेंच राफेल एम फाइटर ने पिछले दिसंबर में आईएनएस विक्रांत के लिए 26 एक सीधी प्रतियोगिता में अमेरिकी एफ/ ए -18 सुपर हॉर्नेट को बाहर कर दिया है। राफेल का निर्माण Dassault Aviation द्वारा किया जाता है जबकि सुपर हॉर्नेट एक अमेरिकी विमान है।
नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशनल ड्रिल्स भी दिखाई गई
समुद्र के बीच आई एन एस विक्रांत पर शुरू हुए नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशनल ड्रिल्स भी दिखाई गई, जिसमें 20 से ज्यादा युद्ध पोतों ने फायरिंग डेमो दिखाएं जिसमें अलग-अलग क्लास के एंटी सबमरीन युद्धपोत शामिल हुए, इसके साथ ही विक्रांत के फ्लाइट डेक पर एलसीए मरीन ने भी लैंडिंग और Take Off दिखाया वही MiG-29 K ने भी आई एन एस विक्रांत से टेकऑफ और लैंडिंग दिखाई, अपने कमीशन होने के 6 महीने बाद आई एन एस विक्रांत पर इस तरह की बड़ी नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस हो रही है।
20 से ज्यादा युद्ध पोतों ने अपना युद्ध कौशल दिखाया
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना में आधुनिक बदलावों और मैरिटाइम सिक्योरिटी में नेवी की भूमिका पर भी बात की, वही चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल कुमार ने बताया कि विक्रांत पर इस तरह के सम्मेलन से नौसेना की आत्मनिर्भरता को और शक्ति मिलेगी। कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के मौके पर 3 महीने से चलने वाली ट्रॉपिक्स एक्सरसाइज का कल्मिनेशन भी किया गया जिसमें अलग-अलग क्लास के 20 से ज्यादा युद्ध पोतों ने अपना युद्ध कौशल दिखाया।
कमांडर्स कॉन्फ्रेंस से चीन की चिंता बढ़ गई है
वहीं स्टीम पास्ट में आई एन एस विक्रांत के सामने से गुजरते हुए इन 20 शिप्स ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सलामी दी। भारत में पहले इस तरह के कमांडर्स कॉन्फ्रेंस से चीन की चिंता बढ़ गई है इंडियन ओशन रीजन और भारत की विराट समुद्री सीमा में लगातार चीन को नियंत्रित करते हुए भारतीय नौसेना ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों से लैस होकर अपनी ताकत को बढ़ा रही है जल्द ही भारतीय नौसेना को 26 नए लड़ाकू विमान भी मिल सकते हैं जिसके लिए हाल ही में फ्लाइट ट्रायल्स किए जा चुके हैं।
