Operation Sindoor: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बृहस्पतिवार को जम्मू कश्मीर में समग्र सुरक्षा परिदृश्य और सशस्त्र बलों की युद्ध संबंधी तैयारियों की समीक्षा के लिए श्रीनगर पहुंचे। रक्षा मंत्री के साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी थे। बादामी बाग छावनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सबसे पहले, मैं आतंकवाद और आतंकवादियों से लड़ते हुए बहादुर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना चाहता हूं। मैं उनकी स्मृति को सम्मान देता हूं। मैं पहलगाम में मारे गए निर्दोष नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं। मैं घायल सैनिकों की वीरता को भी सलाम करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।
राजनाथ सिंह श्रीनगर पहुंचे, सुरक्षा हालात की करेंगे समीक्षा
बादामी बाग छावनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में आप सबके बीच आकर, आज मैं, बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में, ‘Operation Sindoor’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं, लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री के साथ-साथ, मैं आज, भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं।
ऑपरेशन सिंदूर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक ऐसी प्रतिबद्धता, जिससे भारत ने दिखा दिया कि हम सिर्फ डिफेंस नहीं करते जब वक्त आता है, तो हम कठोर निर्णय भी लेते हैं। यह ऑपरेशन, उस एक-एक जवान की आंखों में देखा गया सपना था कि हर आतंकी ठिकाना, चाहे वो घाटियों में छुपा हो या बंकरों में दबा हो, हम वहां पहुंचेंगे और दुश्मन की छाती चीरकर, हम उन आतंकी ठिकानों को खत्म करके ही लौटेंगे। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पैंतीस-चालीस वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।
पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में था गुस्सा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक रक्षा मंत्री के रूप में मुझे आप सबको बेहद नजदीक से जानने का अवसर मिला है। मैं आपके साहस और पराक्रम को तो जानता ही हूं, साथ ही साथ पहलगाम जैसी घटना के प्रति आपके गुस्से को भी मैं जानता हूं। मुझे पता है कि पहलगाम के बाद आपके अंदर गुस्सा था, पूरे देश के अंदर गुस्सा था। मुझे पता है, कैसा महसूस होता है जब धमनियों में बह रहा रक्त बेकाबू होने लगे। और मुझे इस बात की खुशी भी है कि आपने अपने गुस्से को सही दिशा देते हुए, बड़ी बहादुरी और सूझ-बूझ के साथ, पहलगाम का बदला लिया।
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों तथा उनके ठिकानों को निशाना बना कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के बाद से यह सिंह की केंद्र शासित प्रदेश की पहली यात्रा है। इस बीच, ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच शत्रुता समाप्ति समझौते के बाद, जम्मू-कश्मीर में जनजीवन सामान्य होने लगा है। स्कूल शिक्षा निदेशालय, जम्मू ने बुधवार को घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्कूल 15 मई को फिर से खुलेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के मद्देनजर बंद किए गए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के कई इलाकों में स्कूल कल फिर से खुल जाएंगे। जम्मू में चौकी चौरा, भलवाल, डंसल, गांधी नगर, जम्मू जोन में स्कूल खुलेंगे। सांबा में विजयपुर में कल स्कूल खुलेंगे। कठुआ में बरनोटी, लखनपुर, सल्लन और घगवाल जोन में स्कूल खुलेंगे। इसी तरह राजौरी में पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल और दरहाल इलाकों में स्कूल खुले रहेंगे। पुंछ में सुरनकोट और बफलियाज इलाकों में स्कूल खुलेंगे।
वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर से हुई शुरू
इस बीच, भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण एक सप्ताह तक निलंबित रहने के बाद कटरा से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बुधवार को फिर से शुरू हो गईं। इसके अलावा, पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे। 7 मई को पाकिस्तान और पीओजेके में भारत के सटीक हमलों में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए थे।
