Cyclone Dana Landfall: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान 'दाना' ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। IMD के मुताबिक, ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात दाना के लैंडफाल के बाद तेज बारिश और आंधी चलना शुरू हो गई है। यही हाल पश्चिम बंगाल का है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के शुक्रवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है। IMD ने बताया कि तूफान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा और फिर केंद्रपाड़ा जिले के भीतरकनिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा। हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी।
चक्रवात दाना का लैंडफाल शुरू।
उधर, क्रवात 'दाना' के लैंडफाल पर IMD भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने बताया कि चक्रवात दाना ने उत्तर पश्चिमी भाग में गति की है। चक्रवात की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके आगमन की प्रक्रिया लगातार हो रही है। धीरे-धीरे चक्रवात के कमजोर होने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि आज भी उत्तर ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इसका प्रभाव आज पूरे राज्य में रहेगा हालांकि कल तक इसका(चक्रवात दाना) प्रभाव बहुत कम हो जाएगा।
16 जिलों में बाढ़ की चेतावनी
ओडिशा में चक्रवात से उत्पन्न भारी वर्षा के कारण 16 जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी की भविष्यवाणी के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और संभावित प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। माझी ने यहां विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आसन्न तूफान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी ली है।
6 लाख से ज्यादा लोगों को किया गया स्थानांतरित
इस बीच माझी ने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर राज्य ने कुल 5,84,888 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और शुक्रवार सुबह तक यह संख्या 600,000 से अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के कारण राहत केंद्रों में स्थानांतरित की गई 4,431 गर्भवती महिलाओं में से 1,600 ने बच्चों को जन्म दिया है।
माझी ने कहा, ये (विस्थापित) लोग 6,008 चक्रवात आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जहां उन्हें भोजन, दवा, पानी और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
