ऑनलाइन दुनिया में बालिकाओं को अधिक खतरा, वर्तमान जांच पद्धतियां साइबर क्षेत्र में अपराधों से निपटने के अनुकूल नहीं: न्यायमूर्ति पारदीवाला

न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और कड़वा सच है कि संविधान के 75 वर्ष बाद भी देश बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के अधिकारों के संबंध में सुधार के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने अतीत में गलतियां की होंगी और भविष्य में भी गलतियां होने की आशंका है, लेकिन वह संविधान द्वारा निर्धारित मार्ग पर चलने तथा लोकतांत्रिक तरीकों से सामाजिक-आर्थिक न्याय प्राप्त करने के लिए कृतसंकल्प है।

SC on Cyber Crime: उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला ने रविवार को कहा कि बालिकाओं के ऑनलाइन दुनिया में पीड़ित होने का अधिक खतरा है और वर्तमान जांच पद्धतियां साइबर क्षेत्र में होने वाले जटिल अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अनुकूल नहीं हैं।

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न्यायमूर्ति पारदीवाला बोले- वर्तमान जांच पद्धतियां साइबर क्षेत्र में अपराधों से निपटने के अनुकूल नहीं। (ANI)

न्यायमूर्ति पारदीवाला 'यूनिसेफ इंडिया' के सहयोग से उच्चतम न्यायालय की किशोर न्याय समिति (जेजेसी) द्वारा आयोजित 'बालिकाओं की सुरक्षा: भारत में उनके लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण की ओर' विषय पर राष्ट्रीय वार्षिक परामर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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