Gyanvapi Case: आज देश की दो अदालतों से जुड़ी दो अहम खबरों पर नजर रहेगी। पहली खबर, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर आज सुनवाई होगी। ये वही एक्ट है जिसे आधार बताकर ज्ञानवापी के सर्वे और उस पर सुनवाई का मुस्लिम पक्ष (Muslim) विरोध कर रहा है। तो दूसरी ओर ज्ञानवापी को लेकर आज वाराणसी कोर्ट (Varanasi Court) का बड़ा फैसला आ सकता है। विश्व वैदिक सनातन संघ की याचिका पर ये फैसला आना है। ये फैसला इस बात को लेकर आना है कि विश्व वैदिक सनातन संघ की याचिका सुनवाई लायक है या नहीं।अगर फैसला हक में आता है तो हिंदू (Hindu) पक्ष की बड़ी जीत होगी।
ज्ञानवापी को लेकर आज अहम दिन है
तीन अहम मांगे
आज ज्ञानवापी मामले में बड़ा फैसला आ सकता है। विश्व वैदिक सनातन संघ की याचिका सुनने लायक है या नहीं इस पर फैसला आ सकता है। विश्व वैदिक सनातन संघ की याचिका में तीन अहम मांगें की गई हैं-
- पहली मांग- ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपा जाए
- दूसरी मांग- परिसर में मुस्लिमों की एंट्री बैन की जाए
- तीसरी मांग- शिवलिंग नुमा आकृति की पूजा की इजाजत मिले
हिंदू पक्ष का दावा
मूल वाद में उस जगह पर जहां वर्तमान में ज्ञानवापी मस्जिद स्थित है, प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर को बहाल करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उक्त मस्जिद, उस मंदिर का हिस्सा है। हिंदू पक्ष का कहना है कि विवादित परिसर को नंगी आंख से देखने पर यह स्पष्ट है कि वह मंदिर का हिस्सा है और सर्वेक्षण की कार्यवाही जारी रहनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें वाराणसी के जिलाधिकारी को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर के अंदर उस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था जहां सर्वेक्षण में 'शिवलिंग' मिलने की बात की गई थी।
