कांग्रेस में एक तरफ राजस्थान में सीएम पद को लेकर घमासान मचा है तो दूसरी तरफ उसके अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी सरगर्मियां तेज हो रखी हैं। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की बगावत के बाद खबर है कि पार्टी अलाकमान उन्हें अध्यक्ष पद के चुनाव से बाहर करने की सोच रहा है। इस चुनाव में अशोक गहलोत के सामने शशि थरूर हैं। अभी तक के समीकरण के हिसाब से गहलोत, थरूर पर भारी पड़ते दिख रहे थे, लेकिन राजस्थान में मची घमासान के बाद कांग्रेस नेतृत्व का भरोसा उनपर से जरूर कम हुआ होगा। इसी बीच शशि थरूर ने राहुल गांधी से मुलाकात की है। जिसके बाद उन्होंने अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत का दम भरा है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर
भारत जोड़ो यात्रा के कारण राहुल गांधी केरल में ही हैं। अभी तक शशि थरूर अपने गृह राज्य में चल रहे इस यात्रा में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन सोमवार को वो अचानक से राहुल गांधी से मिलने के लिए पहुंच गए। मुलाकात के बाद शशि थरूर ने कहा कि ये सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी, क्योंकि यह यात्रा उनके संसदीय क्षेत्र से गुजर रही है, इसलिए वो राहुल से मिलने पहुंचे थे।
शशि थरूर भले ही इसे शिष्टाचार भेंट बता रहे हों लेकिन मुलाकात के बाद जिस तरह से उन्होंने समर्थन की बात कही है, वो कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। शशि थरूर ने कहा- "जब मैं नामांकन दाखिल करूंगा तो आपको मेरा समर्थन पता चल जाएगा। मैं देश के तीन-चौथाई राज्यों से समर्थन सुनिश्चित करने के बाद ही फाइल करूंगा। कई लोगों ने मुझे फोन करके चुनाव में खड़े होने को कहा था। केरल में भी, मुझे यकीन है कि मुझे कुछ और समूहों से समर्थन मिलेगा।"
उधर राजस्थान में गहलोत खेमे से मीटिंग के बाद कांग्रेस के राज्य प्रभारी अजय माकन और ऑब्जर्वर मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली लौट गए हैं। अब जयपुर में हुई घटना की रिपोर्ट वो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपेंगे। जिसके बाद आगे की कार्रवाही की जाएगी।
