Women Reservation Bill: लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पास न हो पाने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है। दरसअसल, उनसे पूछा गया था कि विपक्ष ने बिल के पास ना होने पर जश्न मनाया है तो उन्होंने कहा कि हमने संविधान बचा लिया, इसलिए जश्न मनाया। गांधी ने कहा कि हमने परिसीमन लाने की उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है।
प्रियंका गांधी बोलीं- हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया, विपक्ष ने परिसीमन लाने की साजिश को नाकाम किया
प्रियंका गांधी बोलीं, 'विपक्ष कह रहा है कि पुराना महिला आरक्षण विधेयक वापस लाया जाए। जहां तक महिला आरक्षण विधेयक की बात है, हम हमेशा उनके साथ हैं, लेकिन जिस तरह से वे (केंद्र) इसे लाए हैं, हम उसका समर्थन नहीं करेंगे...।' बता दें कि देश में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर सियासी घमासान तेज हो गया है।
'महिलाओं के जरिए सत्ता में बने रहने की योजना'
सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल एक 'टूल' की तरह करना चाहती थी।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक गहरी साजिश है कि उन्हें किसी भी तरह सत्ता में बने रहना है। इसके लिए वे योजना बना रहे हैं कि महिलाओं का उपयोग करके स्थायी रूप से सत्ता कैसे हथियाई जाए।'
आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
महिला आरक्षण संबंधी विधेयक गिरने के बाद NDA नेताओं की बैठक
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 2029 से आरक्षण लागू करने और लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के निम्न सदन में गिरने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में बैठक की।
बैठक में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, राजग के सहयोगी दलों के नेताओं में केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू (तेलुगु देशम पार्टी), जयंत चौधरी (राष्ट्रीय लोक दल), राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (जनता दल-यूनाइटेड) और चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास) भी बैठक में मौजूद थे।
