One Nation One Election News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 'एक देश-एक चुनाव' को लेकर बड़ा कदम उठाया और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी का ऐलान किया। कमेटी में अमित शाह, अधीर रंजन समेत 8 लोग शामिल किए गए। मगर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस कमेटी का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया और धोखे की आशंका जाहिर की है। बता दें, लॉ मिनिस्ट्री ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है।
अधीर रंजन चौधरी ने कमेटी का सदस्य बनने से इनकार कर दिया।
अधीर रंजन चौधरी ने ठुकराया केंद्र का ये ऑफर
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की जांच के लिए केंद्र द्वारा गठित 8 सदस्यीय समिति का हिस्सा बनने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने एक पत्र में कहा, 'मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है, जिसके संदर्भ की शर्तें इसके निष्कर्षों की गारंटी के लिए तैयार की गई हैं। मुझे डर है कि यह पूरी तरह से धोखा है।'
अधीर रंजन चौधरी ने ठुकराया केंद्र की मोदी सरकार का ऑफर।
कमेटी में किस-किस को किया गया था शामिल?
रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी के सदस्यों के नामों का ऐलान किया गया था। इस कमेटी में 8 लोगों को शामिल किया गया था। अब अधीर रंजन ने इस कमेटी का हिस्सा बनने से मना कर दिया। कमेटी में जिन लोगों को शामिल किया गया था, उनके नाम...
रामनाथ कोविंद (कमेटी के अध्यक्ष)
अमित शाह
अधीर रंजन चौधरी (अस्वीकार कर दिया)
गुलाम नबी आजाद
एनके सिंह
सुभाष कश्यप
हरीश साल्वे
संजय कोठारी
एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव के पक्ष में है RSS
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव के पक्ष में है तथा उसका मानना है कि इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़ी चीजें व्यवस्थित होनी चाहिए जिससे सार्वजनिक धन और देश के बहुमूल्य समय की बचत होगी। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने इस बारे में पूछने पर कहा, 'ऐसे विषयों पर चीजें व्यवस्थित होनी चाहिए।' वहीं, संघ से जुड़े कई सूत्रों ने कहा कि संघ का मानना है कि एक साथ चुनाव कराने से निर्बाध रूप से विकास कार्य करने में मदद मिलेगी जो अक्सर चुनाव के मद्देनजर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से बाधित होती है।
