Congress Manifesto 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपत्र नाम दिया है, जिसमें 5 न्याय और 25 गारंटी की बात कही गई है। अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणापत्र को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने घोषणापत्र इस तरह से तैयार किया है, जैसे कि वे भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में चुनाव लड़ रहे हों।
हिमंता बिस्वा सरमा
सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का चुनाव घोषणापत्र भारत की तुलना में पड़ोसी पाकिस्तान में चुनाव के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का लक्ष्य सत्ता में आने के लिए समाज को विभाजित करना है। कांग्रेस फूट डालो और राज करो की नीति चाहती है। पार्टी का घोषणा पत्र तुष्टीकरण की राजनीति से भरा है।
तीन तलाक-बाल विवाह कोई नहीं चाहता
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम, देश में कोई नहीं चाहता कि तीन तलाक वापस हो, बाल विवाह हो या लोग कई शादी करें। कांग्रेस का घोषणापत्र इन्हीं मुद्दों पर है। कांग्रेस की सोच के विपरीत भाजपा देश में विकास की राजनीति कर रही है। सीएम ने जोरहाट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम राज्य में कम से कम 30 लाख महिलाओं को लखपति दीदी नहीं बना देते। बता दें, शुक्रवार असम सीएम ने सवाल किया था कि क्या लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र किसी विदेशी एजेंसी द्वारा डिजाइन किया गया था।
कांग्रेस ने किया पलटवार
हिमंत बिस्वा सरमा के दावे पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि सरमा जैसे दलबदलू व्यक्ति सबसे पुरानी पार्टी के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी लोकाचार को नहीं समझ पाएंगे। इसने जोर देकर कहा कि उसके घोषणापत्र का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करना है। कांग्रेस की असम इकाई के प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने कहा सरमा कई वर्षों तक कांग्रेस में रहे, लेकिन वह पार्टी के मुख्य लोकाचार को नहीं समझ सके। इसलिए वह भाजपा में चले गए। पिछले कुछ समय से भाजपा में रहने के बाद भी, वह अब भी भगवा दल के प्रति अपनी वफादारी साबित करने के लिए कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
