Surgical Strike: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद सबकी नजर सरकार की कार्रवाई पर है। इसी बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को सरकार से 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी
कांग्रेस नेता ने क्या कुछ कहा?
चरणजीत सिंह चन्नी ने यहां कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के बाद मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान कहा, "हमारे देश में कोई बम गिरे तो पता नहीं चलेगा? कहते हैं कि हमने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक किया, कुछ नहीं हुआ। कहीं नहीं दिखे सर्जिकल स्ट्राइक, किसी को नहीं पता चला।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं तो सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत हमेशा मांगता रहा हूं। पहलगाम हमले के बारे में चरणजीत सिंह चन्नी ने मांग की कि सरकार हमला करने वालों का पता लगाए और उन्हें सजा दे। उन्होंने कहा कि आज देश के लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत है।
'PAK को कब देंगे जवाब'
उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद सरकार की क्षमता पर सवाल उठने लगा है। पूरा देश इंतजार कर रहा है कि पाकिस्तान को कब जवाब दिया जाएगा। आज 10 दिन हो गए हैं, सरकार क्या कर रही है? उन्होंने केंद्र सरकार से आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
भाजपा ने कांग्रेस पर किया पलटवार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को पाकिस्तान परस्त पार्टी (PPP) करार दिया। पूनावाला ने सिद्दारमैया, राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोग पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हैं... उन्होंने कहा कि 26/11 हो, पुलवामा हो, पहलगाम हो यह लोग पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हैं और भारत की सेना पर अनर्गल आरोप लगाकर उनके मनोबल पर चोट करते हैं... यह आईएनसी नहीं पीपीपी बन चुकी है। सेना का अपमान, वर्दी का अपमान, पाकिस्तान को बताए भाईजान, यही कांग्रेस पार्टी की बन चुकी है पहचान...
उल्लेखनीय है कि साल 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी विपक्ष के नेताओं ने सरकार से सबूत मांगे थे, जिसके बाद विपक्ष सत्तारूढ़ दल के निशाने पर आ गया था। एक बार फिर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने उसी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए सबूत मांगे हैं।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद आतंकवादियों की तलाश जारी है। सरकार ने पाकिस्तान पर कई प्रतिबंध भी लगाए हैं। इनमें सिंधु जल संधि का निलंबन और पाकिस्तानी नागरिकों का निष्कासन शामिल है। इसके अलावा, सेना को अपने तरीके से कार्रवाई करने की खुली छूट दी गई है।
