कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीन बड़ी और कड़े रुख वाली मांगें रखी हैं। सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश जारी करते हुए खरगे ने स्पष्ट कर दिया कि चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए कांग्रेस की तीन मुख्य मांगें पूरी तरह से 'नॉन-नेगोशिएबल' हैं।
सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो)
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
- ज्ञानेश कुमार का तुरंत इस्तीफा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग।
- SIR प्रक्रिया को रद्द करना: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को तुरंत निरस्त किया जाए।
- बैलेट पेपर से चुनाव: आगामी सभी चुनावों को EVM की बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराया जाए।
देशभर में आंदोलन की चेतावनी
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इन तीनों मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और 'INDIA' गठबंधन के तमाम सहयोगी दल देशभर में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लड़ाई में जो भी नागरिक समाज के प्रतिनिधि और युवा संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी उनका पूरी मजबूती से साथ देगी।
महिला पत्रकारों के उत्पीड़न पर केंद्र को घेरा
दिल्ली में हाल ही में प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार और उत्पीड़न पर गहरा दुख जताते हुए खरगे ने इसे "बेहद निंदनीय" करार दिया।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "तानाशाह बहुत घबराया हुआ है। जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार किसी नए पैंतरे या अध्याय के साथ आ सकती है, इसके लिए सभी को तैयार रहना चाहिए।"
प्रियंका गांधी ने भी घेरा
इससे पहले कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न पर उन्होंने संज्ञान क्यों नहीं लिया? विपक्षी पार्टी ने कहा कि शाह को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाये; अन्यथा उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दर्जनों पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
