मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शन के आयोजकों ने दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना भी दी है। आयोजकों की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक, 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रस्तावित है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध तेज (फाइल फोटो:canva)
इस बीच ‘कंसर्न्ड सिटिजंस ऑफ दिल्ली’ की ओर से दावा किया गया है कि 25 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जुटे लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें दिल्ली के अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों को रात में दिल्ली के बाहरी इलाकों में स्थित पुलिस थानों पर छोड़ा गया।
28 सितंबर को पुलिस स्टेशन पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल
आयोजकों के मुताबिक, 28 सितंबर को दोपहर 3 बजे कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाएगा। इसमें नेहा, मनोज झा, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, नंदिता नारायण और निखिल डे समेत अन्य लोग शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगना बताया गया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
‘कंसर्न्ड सिटिजंस ऑफ दिल्ली’ ने दावा किया है कि 25 सितंबर को संसद मार्ग थाने के एसएचओ ने उन्हें बताया कि निकट भविष्य में जंतर-मंतर पर लोगों के लिए प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। संगठन ने सवाल उठाया है कि ऐसा फैसला किसके आदेश पर और किस कानूनी आधार पर लिया गया है।एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस को दी गई लिखित सूचना में आयोजकों ने बताया है कि प्रस्तावित प्रदर्शन का मुद्दा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली है। पत्र में दावा किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ लोगों के नाम पहले ही मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं। आयोजकों ने फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इससे भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराना मुश्किल हुआ है।
आयोजकों का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए वे जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिकों के चुनावी अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आवश्यक कदम उठाने और बिना अनावश्यक बाधा के प्रदर्शन की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
‘वोट का अधिकार और प्रदर्शन का अधिकार’ को लेकर राजनीतिक आरोप
प्रदर्शन के आयोजकों ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि वोट का अधिकार प्रभावित किया जा रहा है और विरोध का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक आरोप लगाए हैं।
