जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बुधवार को इस बाबत बड़ा कदम उठाया है। कॉलेजियम ने चार हाई कोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की अनुशंसा की है।
सुप्रीम कोर्ट।
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर इसे लेकर एक बयान अपलोड किया गया है। इसमें बताया गया है कि प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 22 और 27 मई को इस सिलसिले में बैठकें कीं।
किनके नामों से हुई सिफारिश
इसमें बताया गया है कि कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा, जम्मू कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहना को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की अनुशंसा की है।
अब जबकि कॉलेजियम ने इन नामों की सिफारिश कर दी है तो केंद्र सरकार इन पर विचार करेगी फिर राष्ट्रपति के पास इस सिफारिश को उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नामित जजों और अधिवक्ता की नियुक्ति औपचारिक रूप से की जाएगी। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायिक कार्यभार को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
क्या है कॉलेजियम सिस्टम
कॉलेजियम सिस्टम सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपना विकसित किया हुआ एक सिस्टम है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की जाती है। नियुक्ति फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठ जजों की अनुशंसा पर ही की जाती है। हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति भी कॉलेजियम की सलाह पर ही होती है। इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और उस राज्य के राज्यपाल शामिल होते हैं।
