CJP Meet in Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में महीने भर चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कोर टीम 5 अगस्त से दो दिवसीय रणनीतिक बैठक का आयोजन कर रही है। यह बैठक संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर हो रही है। इस बैठक में संगठन के संस्थापक, राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होकर युवाओं के इस आंदोलन के अगले चरण की दिशा और कार्ययोजना तय करेंगे।
CJP का दो दिवसीय मंथन
राजनीतिक दल बनाने से किया इनकार
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संगठन को किसी राजनीतिक दल में बदलने का कोई इरादा नहीं है। दिपके ने कहा, हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है। हम देख रहे हैं कि ED और CBI का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है। चुनाव प्रणाली, न्यायपालिका और मीडिया से लोगों का विश्वास उठ रहा है। ऐसे दौर में राजनीतिक दल बनाकर हम क्या करेंगे? देश को इस समय एक सशक्त जन-आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर बाहरी तत्वों और अपराधियों ने घुसपैठ की थी, जिससे हिंसा हुई। उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय की असफलता बताया।
भविष्य की रणनीति और युवा संवाद यात्रा
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं में एक नई उम्मीद जगी है। रणनीतिक बैठक के बाद CJP देशभर में एक 'नेशनवाइड लिसनिंग टूर' (Nationwide Listening Tour) शुरू करेगी, ताकि देश के युवाओं और छात्रों की आकांक्षाओं और समस्याओं को सीधे समझा जा सके। CJP ने प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मुकदमों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड भी गठित किया है, जिसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं और जनता का सहयोग लिया जा रहा है। संगठन बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने देशव्यापी दौरे के शेड्यूल और आगामी कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा करेगा।
क्या है 'युवा संवाद यात्रा' और क्या है योजना?
इस यात्रा के जरिए संगठन का इरादा केवल नीट परीक्षा सुधार तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर युवाओं के वास्तविक मुद्दों, बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली की कमियों पर सीधे बात करना है। राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक चले धरने के बाद, संगठन के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस लड़ाई को अब देश के कोने-कोने तक पहुंचाना जरूरी है। यह यात्रा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के प्रमुख शहरों, कोचिंग केंद्रों और विश्वविद्यालयों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान बड़े-बड़े भाषणों या रैलियों की जगह छोटी-चौपालों और बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसमें अभ्यर्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की बातें सीधे सुनी जाएंगी। संगठन इस यात्रा के माध्यम से परीक्षाओं में होने वाली धांधली से प्रभावित छात्रों का आंकड़ा एकत्र करेगा और उनकी समस्याओं का दस्तावेजीकरण करेगा।
नीट पर्चा लीक से उपजा जनाक्रोश
बता कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में पर्चा लीक और अंकों की गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया था। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है और पर्चा लीक विरोधी कड़े कानून लागू किए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि सरकार के ये कदम केवल कागजी साबित हो रहे हैं और जमीनी स्तर पर छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सका है।
