CJP Next Chapter: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पर्चा लीक मामले और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपने आंदोलन को बड़ा रूप देने का फैसला किया है। संगठन ने घोषणा की है कि वह देशभर के छात्रों और युवाओं को एकजुट करने के लिए एक व्यापक 'युवा संवाद यात्रा' (Youth Listening Tour) की शुरुआत कर रहा है। इसे लेकर पार्टी 5 और 6 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में दो दिन का मंथन करेगी। इस यात्रा के जरिए संगठन का इरादा केवल नीट परीक्षा सुधार तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर युवाओं के वास्तविक मुद्दों, बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली की कमियों पर सीधे बात करना है।
कॉकरोच जनता पार्टी की नई रणनीति
क्या है 'युवा संवाद यात्रा' और क्या है योजना?
राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक चले धरने के बाद, संगठन के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस लड़ाई को अब देश के कोने-कोने तक पहुंचाना जरूरी है। यह यात्रा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के प्रमुख शहरों, कोचिंग केंद्रों और विश्वविद्यालयों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान बड़े-बड़े भाषणों या रैलियों की जगह छोटी-चौपालों और बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसमें अभ्यर्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की बातें सीधे सुनी जाएंगी। संगठन इस यात्रा के माध्यम से परीक्षाओं में होने वाली धांधली से प्रभावित छात्रों का आंकड़ा एकत्र करेगा और उनकी समस्याओं का दस्तावेजीकरण करेगा।
नीट पर्चा लीक से उपजा जनाक्रोश
बता कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में पर्चा लीक और अंकों की गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया था। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है और पर्चा लीक विरोधी कड़े कानून लागू किए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि सरकार के ये कदम केवल कागजी साबित हो रहे हैं और जमीनी स्तर पर छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सका है।
आंदोलन का भावी रुख और राजनीतिक दिशा
'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रमुख सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि इस राष्ट्रव्यापी यात्रा के दौरान मिलने वाले सुझावों और जमीनी अनुभवों के आधार पर ही आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। दौरे के समापन पर एक विस्तृत रिपोर्ट (व्हाइट पेपर) तैयार कर सरकार और आम जनता के सामने रखी जाएगी। संगठन के अनुसार, यह यात्रा ही तय करेगी कि यह छात्र आंदोलन भविष्य में किसी सामाजिक दबाव समूह के रूप में काम करेगा या एक औपचारिक राजनीतिक मंच का रूप धारण करेगा।
