CJI सूर्यकांत Exclusive: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने Times Now नवभारत से बात करते हुए दो टूक में कहा कि उन्होंने विपक्ष से मिलने की मांग को ठुकरा दिया है। वहीं सांसद जॉन ब्रियास की चिट्ठी पर सीजेआई ने कहा कि हर किसी को याचिका दाखिल करने का अधिकार है, वो भी कर सकते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर सीजेआई सूर्याकांत एक्सक्लूसिव
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क्या थी राहुल की मांग?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ’वोट चोरी’ के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश से दखल का आग्रह करने के लिए सोमवार को शाम चार से पांच बजे के बीच उनसे मुलाकात का समय तय किया है। खरगे ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के बारे में कहा, ’’हमने शाम चार से पांच बजे के बीच का समय मांगा है। हम उन्हें अपनी बात भी बताएंगे, क्योंकि हम मांग नहीं कर सकते। हम उनसे हाथ जोड़कर केवल अनुरोध ही कर सकते हैं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र भी लिखे हैं।
CJI ने क्या दिया जवाब?
सीजेआई ने Times Now नवभारत एक्सक्लूसिव बात करते हुए कहा, " मैंने कोई समय नहीं दिया है। मैंने अनुरोध को अस्वीकार करते हुए उसके कारणों के साथ एक सूचना भेजी है। उन्हें कारण बता दिया है।वहां सांसद जॉन ब्रिटास की चिट्ठी पर सीजेआई ने कहा कि हर नागरिक याचिका दायर कर सकता है, और कानून के अनुसार उस पर विचार करना हमारा कर्तव्य है।
क्या है सांसद जॉन ब्रिटास का मामला?
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को आरोप लगाया कि जब वह जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तो दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। दिल्ली में ब्रिटास ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, जबकि उन्होंने उन्हें (सुरक्षाकर्मियों को) बताया था कि वह सांसद हैं।
सीआरपीएफ के कर्मी माकपा सांसद को वहां खड़ी पुलिस बस तक जबरन ले गए और उन्हें बस की एक सीट पर धकेल दिया, जबकि वे लगातार उनसे कह रहे थे कि उन्हें न छुएं और वह सांसद हैं। बाद में, पुलिस बस से उतारे जाने के बाद फुटपाथ पर बैठे ब्रिटास ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को जबरदस्ती बस की सीट पर धकेला और बैठाया गया, जिससे उनका दम घुटने लगा। इस आपबीती के बाद सांस लेने में हो रही तकलीफ के बीच, माकपा नेता ने बताया कि पुलिस नियंत्रण कक्ष से एक उपायुक्त (डीसीपी) ने पूरी घटना देखी और बस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को फोन करके उन्हें जाने देने को कहा, क्योंकि वह एक सांसद हैं।
इसी मामले पर ज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने सीजेआई सूर्यकांत को चिट्ठी लिखी है।
