Rahul Gandhi News: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दी गई अपनी एक पुरानी टिप्पणी के मामले में दर्ज मानहानि की शिकायत को रद्द करने की मांग की थी। राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ में "चोरों के सरदार" और "कमांडर-इन-थीफ" जैसे शब्दों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो- Congress)
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जस्टिस नितिन बोरकर की पीठ ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई कर रहे बॉम्बे हाईकोर्ट के एकल पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति नितिन बोरकर ने याचिका को खारिज करते हुए अपना फैसला सुनाया। अदालत का विस्तृत आदेश पत्र जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले, शिकायतकर्ता, राहुल गांधी के कानूनी पक्ष और महाराष्ट्र सरकार की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद अदालत ने इस साल फरवरी महीने में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह आपराधिक मानहानि शिकायत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल द्वारा मुंबई स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शिकायतकर्ता का तर्क है कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और देश की सत्तारूढ़ पार्टी व उसके कार्यकर्ताओं की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रधानमंत्री को "चोरों का सरदार" कहना परोक्ष रूप से बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों को "चोर" बताने जैसा है। ऐसे में पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू करने का पूरा अधिकार है।
अदालत द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब राहुल गांधी को निचली अदालत में इस आपराधिक मानहानि की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
