चीन के पास DeepSeek, अमेरिका के पास ChatGPT, हमारे पास क्या? राघव चड्ढा बोले-AI के युग में हम काफी पीछे

Raghav Chada on AI : AI की दुनिया में भारत इन दिनों अहम भूमिका निभा रहा है फिर भी अभी इस क्षेत्र में उसे काफी लंबी दूरी तय करनी है। AI का उत्पादन करने के लिए भारत के पास प्रतिभा, ज्ञान और डिजिटल इकॉनमी है फिर भी भारत इतनी तरक्की नहीं कर पाया है जितनी कि एक अग्रणी AI देश बनने के लिए जरूरत है।

Raghav Chada on AI : आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें हमें और मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि AI के क्षेत्र में अमेरिका और चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। राज्यसभा में AAP सांसद ने कहा कि हमें स्वदेशी एआई चिप का निर्माण, एआई के इको-सिस्टम के लिए फंड की व्यवस्था और AI प्रतिभाओं को बाहर पलायन करने से रोकना होगा। चड्ढा ने पूछा, 'चीन के पास डीपसीक और अमेरिका के पास चैटजीपीटी, ग्रोक है लेकिन सवाल यह है कि AI के जमाने में भारत कहां पर है?'

Raghav chadha

राज्यसभा में AAP सांसद राघव चड्ढा।

AI के क्षेत्र में भारत को लंबी दूरी तय करनी है

AI की दुनिया में भारत इन दिनों अहम भूमिका निभा रहा है फिर भी अभी इस क्षेत्र में उसे काफी लंबी दूरी तय करनी है। AI का उत्पादन करने के लिए भारत के पास प्रतिभा, ज्ञान और डिजिटल इकॉनमी है फिर भी भारत इतनी तरक्की नहीं कर पाया है जितनी कि एक अग्रणी AI देश बनने के लिए जरूरत है। साल 2010 से लेकर 2022 के दौरान दुनिया के AI पेटेंट में भारत की भागीदारी केवल 0.5 फीसद है।

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