Chennai Mortuary Reel: चेन्नई के सरकारी स्टेनली अस्पताल के मुर्दाघर में कथित तौर पर अवैध रूप से घुसकर शवों के वीडियो बनाने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों सोशल मीडिया रील्स के लिए मुर्दाघर के अंदर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत ने उसी दिन तीनों आरोपियों को जमानत दे दी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीशकुमार (25), दीना उर्फ दिनेशकुमार (30) और शंकर के रूप में हुई है। सतीशकुमार और दीना चेन्नई के व्यासरपाड़ी इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि दीना टीवीके पार्टी से जुड़ा हुआ है।
Chennai Mortuary Reel: मुर्दाघर में घुसकर शवों की बनाई रील! 200 रुपये देकर ली चाबी, 3 गिरफ्तार। AI IMAGE
साथी का शव देखने पहुंचे थे अस्पताल
पुलिस के अनुसार, सतीशकुमार और दीना गुरुवार को सरकारी स्टेनली अस्पताल पहुंचे थे। वे अपने साथी आनंद का शव देखने के लिए अस्पताल आए थे। आनंद एर्नावूर का रहने वाला बताया गया है और पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज था। आरोप है कि शव देखने के बाद दोनों ने मुर्दाघर के प्रतिबंधित हिस्से में प्रवेश किया और वहां मौजूद शवों के वीडियो बनाने लगे। पुलिस के मुताबिक, उनका मकसद इन वीडियो का इस्तेमाल सोशल मीडिया रील्स के लिए करना था।
200 रुपये देकर मुर्दाघर की चाबी लेने का आरोप
मुर्दाघर का इलाका प्रतिबंधित होने के बावजूद दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर वहां प्रवेश करने के लिए एक कर्मचारी से चाबी हासिल की। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अस्पताल में बैटरी से चलने वाला वाहन चलाने वाले व्यासरपाड़ी शंकर के जरिए मुर्दाघर के कर्मचारी श्रीनिवासन को 200 रुपये दिए थे। इसके बाद श्रीनिवासन से मुर्दाघर की चाबी हासिल की गई और दोनों आरोपी अंदर पहुंच गए।
अस्पताल कर्मचारियों ने वीडियो बनाते पकड़ा
मुर्दाघर के अंदर दोनों को वीडियो रिकॉर्ड करते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने देख लिया। कर्मचारियों ने तुरंत मेडिकल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल की पुलिस चौकी को सूचना दी गई। अस्पताल की ओर से डॉ. मलर ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीशकुमार, दीना और शंकर को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने तीनों को उसी दिन दी जमानत
पुलिस ने कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को उसी दिन मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया। अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों को जमानत दे दी। पुलिस अब मामले में मुर्दाघर में प्रवेश करने, चाबी हासिल करने और वहां शवों के वीडियो रिकॉर्ड करने से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है।
