छत्तीसगढ़ में सियासत तेज: ‘मैं उन्हें जगद्गुरु नहीं मानता’; चरणदास महंत ने रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री पर की टिप्पणी

कांग्रेस नेता चरणदास महंत के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। भाजपा समर्थकों ने इसे संत समाज का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस खेमे का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष ने केवल धर्म और राजनीति के मेल पर सवाल उठाया है।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने रामभद्राचार्य को जगतगुरु मानने से इनकार कर दिया। जिसके बाद राजनीतिक हलकों के साथ-साथ धार्मिक मंचों पर भी बहस तेज हो गई है।

चरणदास महंत।

चरणदास महंत।

उनका ये बयान तब आया है, जब वे मनेन्द्रगढ़ दौरे पर पहुंचे थे। यहां चरणदास महंत ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतों को किसी दल विशेष के पक्ष में प्रचार करने से बचना चाहिए। महंत ने यह भी कहा कि वे रामभद्राचार्य को आध्यात्मिक गुरु के रूप में नहीं देखते और उन्हें भाजपा के विचारों का समर्थक मानते हैं। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को भी भाजपा का प्रचारक बताया।

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