अगले 14 दिन तक जटिल सवालों के जवाब तलाशेगा चंद्रयान-3, चांद के अबूझ रहस्यों से उठाएगा परदा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Aug 23, 2023, 07:37 PM IST

Chandrayaan 3 Landing On Moon : ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा भी पृथ्वी का हिस्सा है और उसकी उम्र भी पृथ्वी के बराबर है। पृथ्वी के चंद्रमा के निर्माण का एक प्रमुख सिद्धांत है कि मंगल ग्रह के आकार का एक खगोलीय पिंड युवा धरती से टकराया था और इस टक्कर से निकले मलबे से अंतत: चंद्रमा का निर्माण हुआ।

Chandrayaan 3 Landing On Moon : साल 2008 में भारत ने जो अपना चंद्र मिशन शुरू किया था बुधवार को वह अपने मुकाम पर पहुंच गया। भारत का चंद्रयान-3 चांद के दक्षिण हिस्से पर सफलतापूर्वक 'सॉफ्ट लैंडिंग' कर गया। इस कामयाबी के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक लंबी छलांग लगाई। इस कामयाबी के साथ चंद्रमा पर 'सॉफ्ट लैंडिंग' करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश तो बना ही। साथ ही वह चांद के दक्षिणी हिस्से में उतरने वाला विश्व का पहला देश भी बना।

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चंद्रमा की सतह पर हुई चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग।

14 दिन तक चांद की सतह की जांच करेगा चंद्रयान-3

भारत की इस सफलता पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं। बहरहाल-चंद्रयान-3 ने अपनी लैंडिंग का महत्वपूर्ण एवं जटिल पड़ाव पूरा कर लिया है। अब वह अगले 14 दिनों तक चंद्रमा की सतह का अलग-अलग तरीकों से वैज्ञानिक परीक्षण करेगा और उसका डेटा इसरो को भेजेगा। चंद्रमा के दक्षिणी हिस्से पर चंद्रयान-3 का उतरना भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है।

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