बिटकॉइन घोटाले को लेकर CBI ने शुरू की जांच, अमित भारद्वाज और अजय भारद्वाज के खिलाफ दर्ज किया केस

Bitcoin Case: सीबीआई ने अजय भारद्वाज और अमित भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पहले ED ने बुधवार को गौरव मेहता के छत्तीसगढ़ ठिकानों पर छापेमारी की, जो कथित तौर पर चुनावी राज्य महाराष्ट्र में बिटकॉइन लेनदेन मामले से जुड़े हैं। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के तहत की जा रही है।

Supriya Sule: कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले पर चुनाव प्रचार के लिए अवैध बिटकॉइन गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगने के बाद बिटकॉइन फिर से चर्चा में हैं। CBI ने बिटकॉइन इन्वेस्टमेंट स्कीम स्कैम मामले में गौरव मेहता को समन करके पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा है। हालांकि अभी गौरव मेहता की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। बिटकॉइन इन्वेस्टमेंट स्कीम में लोगों के साथ हुए फ्रॉड मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने अजय भारद्वाज और अमित भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है। बता दें कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक कथित बिटकॉइन घोटाला मामले में ऑडिट फर्म सारथी एसोसिएट्स के कर्मचारी गौरव मेहता के परिसरों पर छापेमारी की है। तलाशी छत्तीसगढ़ के रायपुर में की गई है। यह कदम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए बिटकॉइन का उपयोग करने के आरोपों के बाद भारत के चुनाव आयोग में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के बाद उठाया गया है। शिकायत में गौरव मेहता और पुणे के पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल को निशाना बनाया गया है।

ED

ED ने बुधवार को गौरव मेहता के छत्तीसगढ़ ठिकानों पर की छापेमारी

महाराष्ट्र राज्य में चुनाव से एक दिन पहले, पुणे के पूर्व-आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने एनसीपी-एसपी नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले के खिलाफ बड़ा आरोप लगाया। पाटिल ने आरोप लगाया कि पुणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता और साइबर अपराध जांच को संभालने वाली तत्कालीन पुलिस उपायुक्त भाग्यश्री नौटके बिटकॉइन के दुरुपयोग में शामिल थे, जिसका इस्तेमाल आखिरकार दोनों राजनीतिक नेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी कंपनी ने मुझे 2018 में एक मामले की जांच करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी विशेषज्ञ के रूप में बुलाया था। मुझे 2022 में धोखाधड़ी के आरोपों के तहत उस मामले में गिरफ्तार किया गया था। मैंने मुकदमे के बाद 14 महीने जेल में बिताए। उस दौरान मैं सोच रहा था कि क्या हुआ था, मामला क्या था और मुझे क्यों फंसाया गया। मेरे साथ अन्य सहकर्मी भी थे। हम सच्चाई का पता लगाने पर काम कर रहे थे। हमारे खिलाफ एक गवाह गौरव मेहता है, जो सारथी एसोसिएट्स नामक एक ऑडिट फर्म का कर्मचारी है।

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