Vijay Tamil Nadu CM: तमिलनाडु की राजनीति में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें और उनकी कैबिनेट के नौ मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और विजय के मंच पर आते ही पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा।
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने विजय, चेन्नई में ली शपथ
मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले संबोधन में विजय ने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह तमिलनाडु में एक नई राजनीति की शुरुआत है। उन्होंने लोगों से मिलकर राज्य को नई दिशा देने की अपील की। विजय (TVK Government) ने कहा कि वह कोई महान व्यक्तित्व या चमत्कारी नेता नहीं हैं, बल्कि आम लोगों की तरह एक साधारण इंसान हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह जनता से केवल वही वादे करेंगे, जिन्हें पूरा किया जा सके। अपने भावुक भाषण में विजय ने कहा कि वह किसी राजनीतिक या शाही परिवार से नहीं आते। जनता ने उन्हें पहले सिनेमा में प्यार दिया और अब राजनीति में भी भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य जनता का कर्ज चुकाना और तमिलनाडु के लोगों के लिए काम करना है।
विजय ने खास तौर पर युवाओं और बच्चों का धन्यवाद किया, जो उन्हें प्यार से “विजय मामा” कहकर बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे। इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और अन्य सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। विजय ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल का समर्थन के लिए आभार जताया।
शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए। विजय के साथ आनंद, आधारव अर्जुना, केए सेंगोट्टैयन, केजी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, टीके प्रभु और एस कीर्तन सहित नौ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 234 में से 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। हालांकि पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय सरकार बनाने में सफल रहे।
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियां सत्ता से बाहर हो गईं। फिल्मों में अपनी लोकप्रियता के कारण 'थलापति' कहलाने वाले विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ जुटाई। कई लोगों ने उनकी लोकप्रियता की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन से की। अब जनता की उम्मीदें विजय सरकार से जुड़ गई हैं और लोग तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत के रूप में इसे देख रहे हैं।
