Holi 2025: रंगों का त्योहार होली इस बार न सिर्फ उमंग और उत्साह लेकर आया है, बल्कि देशभर के व्यापारियों के लिए भी जबरदस्त आर्थिक संभावनाएं लेकर आया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, इस वर्ष 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 फीसद अधिक है।
होली 2025
चीनी सामानों का हो रहा बहिष्कार
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष भी भारतीय निर्मित उत्पादों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है और चीनी सामान का बहिष्कार किया गया है। बाजारों में हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, चंदन, पूजा सामग्री, कपड़े, मिठाइयां, सूखे मेवे, गिफ्ट आइटम, किराना एवं एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है।
बाजारों में दिखी रौनक
दिल्ली सहित देशभर के थोक और खुदरा बाजारों में चहल-पहल देखने को मिल रही है। गुलाल, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे, 'हैप्पी होली' लिखी टी-शर्ट, सफेद कुर्ते-पायजामे आदि की भारी बिक्री हो रही है। मिठाइयों की दुकानों पर भी गुजिया, शक्कर पारे, नमकीन एवं अन्य पारंपरिक व्यंजनों की खरीदारी जोरों पर है।
होली मिलन समारोहों की धूम
दिल्ली में इस बार 3,000 से अधिक छोटे-बड़े होली मिलन समारोहों का आयोजन किया जा रहा है। बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, होटल और रेस्त्रां होली पार्टियों से गुलजार हैं। खंडेलवाल ने बताया कि व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर होली मिलन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे बाजारों में उत्साह और बढ़ गया है।
दिल्ली में 8,000 करोड़ का कारोबार संभावित
कैट के अनुमान के अनुसार, अकेले दिल्ली में ही 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
भारतीय उत्पादों की बढ़ी मांग
इस वर्ष लोग केमिकल युक्त रंगों के बजाय हर्बल गुलाल और ऑर्गेनिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बच्चों के लिए फैंसी पिचकारियों की भारी डिमांड है। बाजार में स्पाइडर मैन, छोटा भीम, कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियाँ और गुलाल स्प्रे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। 100 से 400 रुपये तक की टैंक पिचकारी और 100 से 350 रुपये तक की प्रेशर पिचकारी की बिक्री जोरों पर है।
कब है होली?
दिल्ली में 13 मार्च को होलिका दहन और 14 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। फल, मिठाई और मेवे देने की परंपरा के चलते इनकी बिक्री भी काफी बढ़ी है। इस बार की होली व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए खुशियां लेकर आई है। बाजारों में बढ़ती चहल-पहल से यह साफ है कि होली 2025 आर्थिक रूप से भी रंगों से भरी रहेगी।
