Akhilesh Yadav on Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार से ही कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी किसी तरह की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पेश किए गए बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में बनाए गए हैं, जबकि देश की बड़ी आबादी, जिनमें गरीब, किसान और युवा शामिल हैं, वह लगातार उपेक्षित रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि गरीब की समझ से परे है ये बजट। वे बोले- ये ही हाल रहा तो लोहे पर पीतल चढ़ा कर जेवर बनाने पड़ेंगे।
बजट पर गुस्सा अखिलेश यादव ये क्या बोल गए?
'बजट का मकसद... चुनिंदा लोगों की तरक्की'
अखिलेश यादव ने कहा कि असली बजट वही होता है, जो पेश होने के बाद गरीबों के चेहरों पर खुशी लाए। बजट का मकसद सिर्फ चुनिंदा लोगों की तरक्की और मुनाफा तय करना नहीं, बल्कि आम जनता की खुशहाली सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट के माध्यम से भाजपा अपने लोगों को सेट करती है और उनकी आर्थिक तरक्की सुनिश्चित करती है, जबकि गरीबों और वंचितों की हालत जस की तस बनी रहती है।
सरकार को याद दिलाए वो दिन
सरकार को उसके पुराने घोषणापत्र की याद दिलाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को खुद यह देखना चाहिए कि उसके वादों का क्या हुआ। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन शहरों को स्मार्ट सिटी बताया गया, वहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन हकीकत यह है कि खराब पानी पीने से लोगों की जान तक चली गई। उन्होंने पूछा कि अगर यही विकास मॉडल है, तो फिर आम जनता को इसका क्या लाभ मिला।
सरकार कर क्या रही है?
पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर, जहां देश अपनी उपलब्धियां बताने जाता है, वहां सरकार को यह जवाब देना पड़ता है कि देश की हवा इतनी खराब है कि इसके कारण निवेश नहीं आ सकता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सोचिए, खराब हवा के कारण कितने लोगों की जान जा रही है। सरकार इसके लिए आखिर कर क्या रही है?
किसानों पर क्या बोले- सपा प्रमुख?
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने पूछा कि क्या किसानों की आय वास्तव में दोगुनी हुई है और अगर नहीं, तो सरकार इसका जवाब दे। इसी तरह युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि आज भी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। समाजिक न्याय के सवाल पर अखिलेश यादव ने सरकार पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के नाम पर जो बातें कही जा रही हैं, उनकी सच्चाई देश की जनता जानती है। सरकार बताए कि उसने सामाजिक न्याय के मोर्चे पर वास्तव में क्या किया है?
