BSF Officer And Jawan Die: गुजरात में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘हरामी नाला’ क्षेत्र में गश्त के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी और एक जवान की अत्यधिक गर्मी से मौत हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को हुई और बताया जा रहा है कि सहायक कमांडेंट और हेड कांस्टेबल को लू लगी थी और उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी।
गुजरात बॉर्डर
बेसुध होकर गिर पड़े
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को हुई और बताया जा रहा है कि सहायक कमांडेंट विश्वदेव और हेड कांस्टेबल दयालराम को तापघात हुआ था और उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। विश्वदेव बीएसएफ की 59वीं बटालियन से थे। सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ के दोनों कर्मी जीरो लाइन (दोनों देशों की सीमा के ठीक बीच का स्थान) पर गश्त कर रहे थे, तभी वे अचानक बेसुध होकर गिर गए। दोनों को भुज के एक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
लंबी दूरी की गश्त पर थे
इस साल मई में जैसलमेर (राजस्थान) में सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के एक जवान की भीषण गर्मी और तापघात की ऐसी ही एक घटना में जान चली गई थी। बीएसएफ के गांधीनगर स्थित गुजरात फ्रंटियर के एक प्रवक्ता ने कहा, दोनों कर्मी बल के अन्य सदस्यों के साथ हरामी नाला के उत्तर में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुदूर और दुर्गम इलाके में लंबी दूरी की गश्त पर थे। ये स्थान जोखिम भरा है। ये लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे और इन्हें उपचार की तत्काल जरूरत पड़ी। प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें तुरंत निकटतम चिकित्सा केन्द्र ले जाया गया लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
कच्छ के रण और हरामी नाला क्षेत्रों में इस वक्त तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस के बीच है और आर्द्रता का स्तर 80-82 प्रतिशत तक है। बीएसएफ ने एक बयान में कहा कि दोनों बीएसएफ कर्मियों ने बहादुरी और समर्पण के उच्चतम मानकों का उदाहरण प्रस्तुत किया। अत्यधिक खतरे के बावजूद भी देश की संप्रभुता की रक्षा करने की उनकी प्रतिबद्धता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा, इस अविश्वसनीय कठिन वक्त में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ हैं। बीएसएफ का गुजरात फ्रंटियर राजस्थान के बाड़मेर से लेकर सर क्रीक क्षेत्र सहित कच्छ के रण तक 826 किलोमीटर लंबी भारत-पाक सीमा की रक्षा करता है। (PTI Bhasha Input)
