NEET Paper Leak: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और बढ़ती चिंताओं को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो छात्र अपनी चिंताएं उठा रहे हैं, उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें 'डीप स्टेट एजेंट' और पाकिस्तानी कहकर बदनाम किया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो)
मोदी सरकार पर बरसे खरगे
खरगे ने 'एक्स' में एक पोस्ट में कहा, ''सीबीएसई के छात्र और नीट के अभ्यर्थी, दोनों ही शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नाकामियों का शिकार बन गए हैं। उन्होंने 'एग्जाम वॉरियर्स' बनाने का दावा किया था, लेकिन इसके बजाय छात्रों को 'डीप स्टेट एजेंट' और 'पाकिस्तानी' बताकर बदनाम किया।
खरगे ने कहा कि चाहे 17 साल के सीबीएसई उम्मीदवार हों या नीट अभ्यर्थी, मोदी सरकार ने देश के युवाओं को अपने भ्रष्टाचार के जाल में फंसा दिया है और देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने की साजिश रच रही है। एक जमाना था जब IITs, IIMs, केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय संस्थान देश की प्रतिभाओं को निखारते थे। अब, भाजपा की लूट-खसोट की वजह से, हम एक साधारण बोर्ड परीक्षा भी ठीक से नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने हमें इस हाल में पहुंचा दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों को कमजोर कर रही है और छात्रों की आवाज को दबा रही है। कोई भी संस्था चुनिए और उस पर एक नजर डालिए... यूजीसी को तबाह कर दिया। जेएनयू और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बदले की राजनीति की। एनसीईआरटी की किताबों से इतिहास मिटा दिया। विश्वविद्यालयों में छात्रों की आवाज दबा दी और उनके आंदोलनों को कुचल दिया। कुलपति की नियुक्तियों में अपनी विचारधारा थोप दी।
खरगे ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
खरगे ने कहा कि 90,000 से ज़्यादा सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए और पिछले कुछ सालों में शिक्षा के बजट में कटौती भी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी युवा विरोध प्रदर्शन करते हैं या मुद्दे उठाते हैं, तो उनकी आवाज दबा दी जाती है और उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने भाजपा पर रोजगार के अवसर पैदा करने में नाकाम रहने और भर्ती परीक्षाओं को ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाया। साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
