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Mann ki Baat: PM मोदी की अपील- जब भी आप कुछ नया करें, नया सोचें, तो उसमें मुझे भी जरूर शामिल करिएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर देशवासियों को संबोधित किया। यह मन के बात के कार्यक्रम की 80वीं कड़ी है। Mann Ki Baat के दौरान पीएम मोदी ने क्या कहा, उसकी क्रमवार जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Aug 29, 2021, 14:51 IST
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Mann ki Baat: PM मोदी की अपील- जब भी आप कुछ नया करें, नया सोचें, तो उसमें मुझे भी जरूर शामिल करिएगा

Mann ki Baat : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर 'मन की बात'  के जरिए देश और दुनिया के लोगों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरूआत में पीएम मोदी ने ओलंपिक में हॉकी टीम को मिली जीत का जिक्र करते हुए कहा कि चार दशक बाद, क़रीब-क़रीब 41 साल के बाद, भारत के नौजवानों ने, बेटे और बेटियों ने हॉकी के अन्दर फिर से एक बार जान भर दी। उन्होंने कहा कि आज, जब हमें देश के नौजवानों में हमारे बेटे-बेटियों में, खेल के प्रति जो आकर्षण नजर आ रहा है, माता-पिता को भी बच्चे अगर खेल में आगे जा रहे हैं तो खुशी हो रही है।

AUG 29, 2021 11:39 IST

कोविड को लेकर बोले पीएम- हमें सावधानी और सतर्कता रखनी है

मेरे प्यारे देशवासियो, ये समय आजादी के 75वें साल का है। इस साल तो हमें हर दिन नए संकल्प लेने हैं, नया सोचना है, और कुछ नया करने का अपना जज्बा बढ़ाना है। हमारा भारत जब आजादी के सौ साल पूरे करेगा, तब हमारे ये संकल्प ही उसकी सफलता की बुनियाद में नज़र आएंगे। इसलिए, हमें ये मौका जाने नहीं देना है। हमें इसमें अपना ज्यादा से ज्यादा योगदान देना है। और इन प्रयासों के बीच, हमें एक बात और याद रखनी है। दवाई भी, कड़ाई भी। देश में 62 करोड़ से ज्यादा vaccine की dose दी जा चुकी है लेकिन फिर भी हमें सावधानी रखनी है, सतर्कता रखनी है। और हाँ, हमेशा की तरह, जब भी आप कुछ नया करें, नया सोचें, तो उसमें मुझे भी जरूर शामिल करिएगा। मुझे आपके पत्र और messages का इंतज़ार रहेगा। इसी कामना के साथ, आप सभी को आने वाले पर्वों की एक बार फिर ढेरों बधाइयाँ: पीएम
 

AUG 29, 2021 11:34 IST

भगवान विश्वकर्मा की विरासत हैं ऐसे लोग: पीएम मोदी

हमारे शास्त्रों में ये भी कहा गया है –विश्वस्य कृते यस्य कर्मव्यापारः सः विश्वकर्मा। अर्थात, जो सृष्टि और निर्माण से जुड़े सभी कर्म करता है वह विश्वकर्मा है।हमारे शास्त्रों की नजर में हमारे आस-पास निर्माण और सृजन में जुटे जितने भी skilled, हुनरमंद लोग हैं, वो भगवान विश्वकर्मा की विरासत हैं | इनके बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। आप सोचकर देखिए, आपके घर में बिजली की कुछ दिक्कत आ जाए और आपका कोई electrician ना मिले तो क्या होगा? आपके सामने कितनी बड़ी परेशानी आ जाएगी | हमारा जीवन ऐसे ही अनेकों skilled लोगों की वजह से चलता है: पीएम मोदी
AUG 29, 2021 11:32 IST

भगवान विश्वकर्मा को हमारे यहाँ विश्व की सृजन शक्ति का प्रतीक माना गया - पीएम

अगले कुछ दिनों में ही ‘विश्वकर्मा जयंती’ भी आने वाली है। भगवान विश्वकर्मा को हमारे यहाँ विश्व की सृजन शक्ति का प्रतीक माना गया है। जो भी अपने कौशल्य से किसी वस्तु का निर्माण करता हैं, सृजन करता है, चाहे वो सिलाई-कढ़ाई हो, software हो या फिर satellite, ये सब भगवान विश्वकर्मा का प्रगटीकरण है। दुनिया में भले skill की पहचान आज नए तरीके से हो रही है, लेकिन हमारे ऋषियों ने तो हजारों सालों से skill और scale पर बल दिया है | उन्होंने skill को, हुनर को, कौशल को, आस्था से जोड़कर हमारे जीवन दर्शन का हिस्सा बना दिया है : पीएम मोदी

AUG 29, 2021 11:30 IST

संस्कृत भाषा को लेकर पीएम की अपील

अमृतम् संस्कृतम् मित्र, सरसम् सरलम् वचः, एकता मूलकम् राष्ट्रे, ज्ञान विज्ञान पोषकम्। अर्थात, हमारी संस्कृत भाषा सरस भी है, सरल भी है। संस्कृत अपने विचारों, अपने साहित्य के माध्यम से ये ज्ञान विज्ञान और राष्ट्र की एकता का भी पोषण करती है, उसे मजबूत करती है। संस्कृत साहित्य में मानवता और ज्ञान का ऐसा ही दिव्य दर्शन है जो किसी को भी आकर्षित कर सकता है। हाल ही में, मुझे कई ऐसे लोगों के बारे में जानने को मिला, जो विदेशों में संस्कृत पढ़ाने का प्रेरक कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं श्रीमान् रटगर कोर्टेनहॉर्स्ट, जो Ireland में संस्कृत के जाने-माने विद्वान और शिक्षक हैं और वहाँ के बच्चों को संस्कृत पढ़ाते हैं। डॉ. चिरापत प्रपंडविद्या और डॉ. कुसुमा रक्षामणि, ये दोनों Thailand में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं | उन्होंने थाई और संस्कृत भाषा में तुलनात्मक साहित्य की रचना भी की है। ऐसे ही एक प्रोफेसर है, श्रीमान बोरिस जाखरिन, Russia में Moscow State University में ये संस्कृत पढ़ाते हैं। उन्होंने कई शोध पत्र और पुस्तकें प्रकाशित की हैं | उन्होंने कई पुस्तकों का संस्कृत से रुसी भाषा में अनुवाद भी किया है। साथियो, अगर आप इस तरह के प्रयास में जुटे ऐसे किसी भी व्यक्ति को जानते हैं, ऐसी किसी जानकारी आपके पास है तो कृपया #CelebratingSanskrit के साथ social media पर उनसे संबंधित जानकारी जरुर साझा करें : पीएम मोदी

AUG 29, 2021 11:23 IST

“सुखेत मॉडल को अपनाएं पंचायतें- पीएम मोदी

“सुखेत मॉडल को अपनाएं पंचायतें- पीएम मोदी
सुखेत मॉडल
मधुबनी में डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय और वहाँ के स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र ने मिलकर के एक अच्छा प्रयास किया है – “सुखेत मॉडल”। सुखेत मॉडल का मकसद है गाँवों में प्रदूषण को कम करना। मैं देश की प्रत्येक पंचायत से कहूंगा कि ऐसा कुछ करने का वो भी अपने यहाँ जरुर सोचें।
AUG 29, 2021 11:21 IST

स्वच्छता का किया जिक्र

मेरे प्यारे देशवासियो, इस कोरोना कालखंड में स्वच्छता के विषय में मुझे जितनी बातें करनी चाहिए थी लगता है शायद उसमें कुछ कमी आ गई थी। मुझे भी लगता है कि स्वच्छता के अभियान को हमें रत्ती भर भी ओझल नहीं होने देना है। राष्ट्र निर्माण के लिए सबका प्रयास कैसे सबका विकास करता है इसके उदाहरण हमें प्रेरणा भी देते हैं और कुछ करने के लिए एक नई ऊर्जा भर देते हैं, नया विश्वास भर देते हैं, हमारे संकल्प में जान फूँक देते हैं। हम ये भलीभांति जानते हैं कि जब भी स्वच्छ भारत अभियान की बात आती है तो इंदौर का नाम आता ही आता है क्योंकि इंदौर ने स्वच्छता के संबंध में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है और इंदौर के नागरिक इसके अभिनन्दन के अधिकारी भी है। ब इंदौर के लोग स्वच्छ भारत के इस रैंकिंग से संतोष पा कर के बैठना नहीं चाहते हैं वे आगे बढ़ना चाहते हैं, कुछ नया करना चाहते हैं। अब और उन्होंने क्या मन में ठान ली है, उन्होंने ‘Water Plus City’, बनाए रखने के लिए जी जान से जुटे हुए है। इंदौर के नागरिकों ने खुद आगे आकर अपनी नालियों को सीवर लाइन से जोड़ा है | स्वच्छता अभियान भी चलाया है और इस वजह से सरस्वती और कान्ह नदियों में गिरने वाला गन्दा पानी भी काफी कम हुआ है और सुधार नज़र आ रहा है। Water Plus City’ यानी ऐसा शहर जहाँ बिना treatment के कोई भी सीवेज किसी सार्वजनिक जल स्त्रोत में नहीं डाला जाता: पीएम

AUG 29, 2021 11:19 IST

हम अपनी इन महान परम्पराओं को आगे लेकर जाएँ: पीएम

साथियो, दुनिया के लोग जब आज भारतीय अध्यात्म और दर्शन के बारे में इतना कुछ सोचते हैं, तो हमारी भी ज़िम्मेदारी है कि हम अपनी इन महान परम्पराओं को आगे लेकर जाएँ। जो कालबाह्यी है उसे छोड़ना ही है लेकिन जो कालातीत है उसे आगे भी ले जाना है।हम अपने पर्व मनाएँ, उसकी वैज्ञानिकता को समझे, उसके पीछे के अर्थ को समझे | इतना ही नहीं हर पर्व में कोई न कोई सन्देश है, कोई-न-कोई संस्कार है | हमें इसे जानना भी है, जीना भी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत के रूप में उसे आगे बढ़ाना भी है : पीएम

AUG 29, 2021 11:15 IST

पीएम ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

मेरे प्यारे देशवासियो, कल जन्माष्टमी का महापर्व भी है। जन्माष्टमी का ये पर्व यानी, भगवान श्री कृष्ण के जन्म का पर्व । कला हो, सौन्दर्य हो, माधुर्य हो, कहाँ-कहाँ कृष्ण है। लेकिन ये बातें मैं इसलिए कर रहा हूँ कि जन्माष्टमी से कुछ दिन पूर्व, मैं एक ऐसे दिलचस्प अनुभव से गुजरा हूँ तो मेरा मन करता है ये बातें मैं आपसे करूँ। सोमनाथ मंदिर से 3-4 किलोमीटर दूरी पर  ही भालका तीर्थ है, ये भालका तीर्थ वो है जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर अपने अंतिम पल बिताये थे ।एक प्रकार से इस लोक की उनकी लीलाओं का वहाँ समापन हुआ था। हम भगवान के सब स्वरूपों से परिचित हैं, नटखट कन्हैया से ले करके विराट रूप धारण करने वाले कृष्ण तक, शास्त्र सामर्थ्य से ले करके शस्त्र सामर्थ्य वाले कृष्ण तक: पीएम मोदी

AUG 29, 2021 11:13 IST

सबके प्रयास हैं जरूरी- पीएम

मेरे प्यारे नौजवानों, हमें, इस अवसर का फायदा उठाते हुए अलग-अलग प्रकार के sports में महारत भी हासिल करनी चाहिए। गाँव-गाँव खेलों की स्पर्धाएँ निरंतर चलती रहनी चाहिये। वर्षों बाद देश में ऐसा कालखंड आया है कि खेलों के प्रति परिवार हो, समाज हो, राज्य हो, राष्ट्र हो – एक मन से सब लोग जुड़ रहे हैं। सबके प्रयास से ही भारत खेलों में वो ऊंचाई प्राप्त कर सकेगा जिसका वो हकदार है
AUG 29, 2021 11:10 IST

हमारे आज के युवा का मन बदल चुका है- पीएम मोदी


हम देखते हैं, अभी कुछ समय पहले ही, भारत ने, अपने Space Sector को open किया और देखते ही देखते युवा पीढ़ी ने उस मौके को पकड़ लिया और इसका लाभ उठाने के लिए कॉलेजों के students, university, private sector में काम करने वाले नौजवान बढ़-चढ़ करके आगे आए हैं। और मुझे पक्का भरोसा है आने वाले दिनों में बहुत बड़ी संख्या ऐसे satellites  की होगी, जो हमारे युवाओं ने, हमारे छात्रों ने, हमारे college ने, हमारी universities ने, lab में काम करने वाले students ने काम किया होगा। हमारे आज के युवा का मन बदल चुका है: पीएम मोदी

AUG 29, 2021 11:09 IST

ओलंपिक में मिली सफलता का किया जिक्र

साथियो, जब खेल-कूद की बात होती है न, तो स्वाभाविक है हमारे सामने पूरी युवा पीढ़ी नजर आती है।और जब युवा पीढ़ी की तरफ गौर से देखते हैं कितना बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। युवा का मन बदल चुका है। और आज का युवा मन घिसे-पिटे पुराने तौर तरीकों से कुछ नया करना चाहता है, हटकर के करना चाहता है। आज का युवा मन बने बनाए रास्तों पर चलना नहीं चाहता है| वो नए रास्ते बनाना चाहता है। unknown जगह पर कदम रखना चाहता है। मंजिल भी नयी, लक्ष्य भी नए, राह भी नयी और चाह भी नयी, अरे एक बार मन में ठान लेता हैं न युवा, जी-जान से जुट जाता है। दिन-रात मेहनत कर रहा है: पीएम मोदी

AUG 29, 2021 11:04 IST

किया ओलंपिक में मिली हॉकी जीत का जिक्र

किया ओलंपिक में मिली हॉकी जीत का जिक्र
Mann Ki baat
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | हम सबको पता है आज मेजर ध्यानचंद जी की जन्म जयंती है। और हमारा देश उनकी स्मृति में  इसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाता भी है। और चार दशक बाद, क़रीब-क़रीब 41 साल के बाद, भारत के नौजवानों ने, बेटे और बेटियों ने हॉकी के अन्दर फिर से एक बार जान भर दी। क्योंकि दुनिया में भारत की हॉकी का डंका बजाने का काम ध्यानचंद जी की हॉकी ने किया था।
AUG 29, 2021 11:01 IST

यहां सुन सकते हैं मन की बात

इसका सीधा प्रसारण आकाशवाणी, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी हो रहा है। हिन्‍दी प्रसारण के तुरंत बाद आकाशवाणी से मन की बात का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण किया जायेगा। क्षेत्रीय भाषाओं में इसे शाम आठ बजे दोबारा सुना जा सकता है।

AUG 29, 2021 11:01 IST

मन की बात कर रहे हैं मोदी

पीएम मोदी आज मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से रूबरू हो रहे हैं। इस दौरान वह वैक्सीनेशन, पैरालंपिक और अफगानिस्तान के ताजा हालात समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं