Maharashtra Politics: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को भाजपा की गठबंधन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन राज्यों में जहां भाजपा सत्ता में नहीं है या उसकी संख्या पर्याप्त नहीं है, वहां उसकी रणनीति यह होती है कि अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करके सत्ता में आए और फिर उन्हें किनारे लगा दे।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल (फाइल फोटो)
सिब्बल ने कहा कि यह रणनीति बिहार में सफल रही और अब महाराष्ट्र में भी यही हो रहा है। इस दौरान, महाराष्ट्र निकाय चुनावों का जिक्र कर उन्होंने विपक्ष और छोटी पार्टियों को चेताया कि अगर वह भाजपा के साथ जाएंगे तो उन्हें किनारे कर दिया जाएगा।
BJP पर बरसे सिब्बल
सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, ''BJP की राजनीतिक रणनीति: उन राज्यों में जहां वे सत्ता में नहीं हैं या बहुमत में नहीं हैं, वहां दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करें, सत्ता में आएं, और फिर उन्हें किनारे कर दें। यह रणनीति: बिहार में सफल। अब महाराष्ट्र में लागू हो रही है!"
सिब्बल ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों से राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के चुनावों के लिए भी कुछ संदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ''शुरुआत में, मैं लोगों को बताना चाहूंगा कि बीएमसी का सालाना बजट 74,000 करोड़ रुपये है, इसलिए यह बहुत अहम है। पिछले नगर निगम चुनावों में शिवसेना, जो उस समय एकजुट थी, ने जीत हासिल की थी और भाजपा की कमान संभाली थी।'' उन्होंने कहा कि अब शिवसेना के शिंदे गुट ने इस पर से नियंत्रण खो दिया है।
सिब्बल ने अजित का किया जिक्र
सिब्बल ने बताया कि जहां उन्हें कमजोरी नजर आती है वहां वे छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करते हैं और सत्ता में आने के बाद उन्हें किनारे कर देते हैं। उन्होंने हरियाणा के लोक दल और बिहार के जदयू का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के साथ गठबंधन करने वाली पार्टियों के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा, ''देखिए अजित पवार के साथ क्या हुआ। अब शिंदे ने भी जीतने वालों को एक होटल में ले गए हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि भाजपा नेताओं को खरीदती और तोड़ती है।''
