'हिटलर के बाद एक शहर को गैस चैंबर में बदलने वाला दूसरा शासक केजरीवाल', BJP ने दिल्ली में लगाए पोस्टर

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Nov 5, 2022, 08:20 AM IST

Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण से बिगड़ते हालातों को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले को लेकर केजरीवाल सरकार पर हमले कर रहा है। इस बीच बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने हिटलर से केजरीवाल की तुलना करने वाले कई पोस्टर भी लगवा दिए हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • प्रदूषण को लेकर केजरीवाल पर बीजेपी का तीखा हमला, हिटलर से की तुलना
  • बीजेपी नेता तजिन्दर पाल सिंह बग्गा ने लगाए पोस्टर
  • पोस्टर में लिखा- केजरीवाल ने दिल्ली को बनाया गैस चैंबर

New Delhi: दिल्ली मे लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर पर बीजेपी (BJP) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर तीखा हमला किया। बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा (Tajinder Pal Singh Bagga) ने दिल्ली के कुछ इलाकों में अरविंद केजरीवाल की तुलना हिटलर से करते हुए पोस्टर लगाए हैं। जिस पर लिखा है 'केजरीवाल दूसरे शासक हैं जिन्होंने अपने शहर को गैस चैंबर में बदल दिया, ऐसा करने वाले पहले हिटलर थे।'

बीजेपी ने लगाए पोस्टर

तजिंदर पाल सिंह बग्गा का कहना है मैंने नहीं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का टिप्पणी है कि दिल्ली के मालिक ने दिल्ली को गैस चेंबर (Gas Chamber) में तब्दील कर दिया है मुझे लगता है कि यह दुनिया में दूसरा उदाहरण होगा कि एक शासक ने अपने स्टेट में रहने वाले लोगों को गैस चैंबर में मारने का प्रयास किया है इससे पहले हिटलर ने ऐसा किया था।

गंभीर स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और कई इलाकों में AQI 500 को पार कर चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)आज भी गंभीर स्थिति में। एक्यूआई यदि 400 से अधिक हो, तो उसे ‘गंभीर’ माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है और पहले से बीमार व्यक्तियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति के मद्देनजर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे इस विषय पर चर्चा के लिए उसके समक्ष 10 नवंबर को उपस्थिति हों। मानवाधिकार आयोग ने कहा कि वायु प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए अब तक के कदमों से वह संतुष्ट नहीं है और अभी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।

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