Gopal Rai on BJP and Modi Govt: दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गोपाल राय ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के तहत कांग्रेस और आप के हाथ मिलाने से बुरी तरह बौखला गई है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक-2023 लाकर अंग्रेजों से भी बदतर काम किया है।
आम आदमी पार्टी (आप) के गोपाल राय दिल्ली सरकार में मंत्री भी हैं। (फाइल फोटो)
ये बातें शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू के दौरान कहीं। आप के दिल्ली के संयोजक ने आगे आगाह करते हुए दावा किया कि बीजेपी के रणनीतिकार इस गठबंधन को तोड़ने के लिए उपाय तलाशने का प्रयास कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार को सुनिश्चित करना जरूरी है वरना देश में ‘लोकतंत्र नहीं बचेगा’।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर उनके उस बयान के लिए उन्होंने निशाना साधा, जिसमें उन्होंने दिल्ली सेवा विधेयक को लेकर विपक्ष से कहा था,‘‘केवल चुनाव जीतने के लिए कानून का विरोध करने या समर्थन करने की राजनीति में शामिल ना हों।’’ राय इस बाबत बोले,‘‘वह कांग्रेस के आप के साथ आने से चिंतित हैं। वे महसूस कर रहे थे कि कोई नहीं बोलेगा, लेकिन उनके आकलन के विपरीत पूरा देश एकजुट हो गया।’’
उन्होंने कहा कि बीजेपी को आस थी कि राज्य में विपक्ष पिछली बार की तरह असंगठित रहेगा, लेकिन अब वे बौखला गये हैं और उनके बड़े रणनीतिकार उपाय ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। बकौल राय, ‘‘राजनीति में तीन चरण हैं-लोग और उनकी उम्मीदें, पार्टी और इसकी उम्मीदें तथा देश। आज ऐसे हालात बन गये हैं कि पार्टियां और लोग अब कमतर हो गए हैं।’’
वैसे, राय को संभावना है कि महाराष्ट्र के मुंबई शहर में इंडिया की मीटिंग (संभावित तारीख 31 अगस्त और एक सितंबर) में दिल्ली में आप और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा कि वहां तय किए गए फैसलों और फॉर्मूले के आधार पर अलग-अलग राज्यों के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली सरकार की नौकरशाही पर नियंत्रण का अधिकार केंद्र को देने के लिए लाए गए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक-2023 का जिक्र करते हुए कहा कि देश बचाने के लिए लड़ना पार्टी और लोगों से अधिक अहम है। यह विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने ''अंग्रेजों से भी बदतर'' किया है।
