तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव और प. बंगाल में उपचुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बीजेपी के साथ-साथ बाकी दलों को भी निशाने पर ले लिया। इसके साथ ही उन्होंने इन दलों पर कम्युनल कार्ड खेलने का भी आरोप लगाया है। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी अकेले ही इनसे निपट लेगी।
तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव और प. बंगाल में उपचुनाव में करारी हार
सागरदिघी विधानसभा उपचुनाव में मिली हार
बंगाल के सागरदिघी विधानसभा उपचुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस ने ये सीट उससे छीन ली। इसे लेकर ममता बनर्जी तीखी प्रतिक्रिया जताते विपक्ष पर महला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा के साथ अनैतिक गठबंधन का आरोप लगाया।
ममता ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस और सीपीआईएम तीनों एक साथ मिले हुए हैं। सभी कम्युनल कार्ड खेल रहे हैं। टीएमसी इन तीनों से अकेले लड़ सकती है। हमने 2021 में भी ऐसा किया है। टीएमसी 2024 में लोगों के साथ गठबंधन करेगी। हम किसी और पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। मैं लोगों के समर्थन से अकेले ही लड़ सकती हूं।
पूर्वोत्तर में भी करारा झटका लगा
टीएमसी को बंगाल उपचुनाव के अलावा पूर्वोत्तर में भी करारा झटका लगा है। त्रिपुरा में पार्टी सरकार बनाने के दावे कर रही थी, लेकिन उसे 60 में से एक भी सीट नहीं मिली। बाकी दलों के मुकाबले उसका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। ममता ने त्रिपुरा में जमकर चुनाव प्रचार भी किया था, लेकिन मेहनत रंग नहीं लाई।
यहां बीजेपी ने दोबारा सत्ता में वापसी की है और उसने 33 सीटों पर कब्जा जमाया है। दूसरे नंबर पर दो साल पहले बनी टिपरा मोथा पार्टी रही जिसने 13 सीटें जीतीं, वहीं कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन को 14 सीटें मिली हैं। चुनाव में टीएमसी का खाता भी नहीं खुल सका।
उपचुनाव में हार ने बजाई खतरे की घंटी
अब ममता बनर्जी के सामने बंगाल को बचाने की चुनौती है क्योंकि कांग्रेस ने उपचुनाव में जीत दर्ज कर टीएमसी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भाजपा पहले ही उसे चुनौती दे रही है। ममता ने साफ कर दिया है कि वह अकेले ही मैदान में उतरेंगी। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।
