केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को वोट देने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए और उनकी नामावली से नाम हटाए जाने चाहिए। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य में एसआईआर पर राजनीति कर रहे हैं, जिससे मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो- PTI)
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बिहार में विपक्ष पर शाह का निशाना
शुक्रवार को सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा- “घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए। उन्हें वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन बिहार में राजद और कांग्रेस एसआईआर का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनकी कोशिश है कि घुसपैठियों के नाम सूची में बने रहें।”
राहुल गांधी का आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि कर्नाटक के बेंगलुरु मध्य लोकसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के दौरान भारी मत चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चोरी किए गए, डुप्लीकेट मतदाता बनाए गए, फर्जी पते इस्तेमाल किए गए और फर्जी फोटो के साथ मतदाता सूची में नाम जोड़े गए।
राजद-कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने विपक्ष के इस आरोप और एसआईआर पर विरोध को अनुचित बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ राजद और कांग्रेस का रवैया सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा- “संप्रग शासन के दौरान देश में आतंकवादी हमले आम थे, लेकिन मोदी सरकार के समय हमारी सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को उनके ठिकानों पर मार गिराया। फिर भी राजद और कांग्रेस इस ऑपरेशन का विरोध कर रहे हैं।”
लालू यादव पर बोला हमला
गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राजग सरकार बनने का दावा भी किया। उन्होंने राजद पर बिहार में ‘‘गुंडागर्दी’’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि लालू प्रसाद यादव के केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान बिहार के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए सिर्फ 1,132 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जबकि वर्तमान सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में 10,066 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
