जनता दल (यूनाइटेड) में संगठनात्मक फेरबदल को लेकर जारी अटकलों के बीच गरुवार (28 दिसंबर, 2023) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में हिस्सा लेने साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। ऐसा बताया गया कि कुमार के आवास पर मीटिंग के बाद दोनों नेताओं ने साथ आने का फैसला किया था, जिसका मकसद दल में एकजुटता का संदेश देना लगता है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडी(यू) चीफ राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह। (फाइल)
इस बीच, पार्टी सूत्रों ने शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद की बैठक में सिंह के जद(यू) अध्यक्ष पद से हटने की आशंका से इन्कार नहीं किया। पार्टी के एक नेता ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि कुमार यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। वैसे, जद (यू) के दोनों शीर्ष नेताओं की ओर से इस बाबत में कोई पुष्टि नहीं की गई है।
वैसे, इससे पहले सिंह ने पद से इस्तीफा देने की खबरों को सिरे से खारिज किया था। साथ ही कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर मीडिया की ओर से यह ‘विमर्श’ खड़ा किया जा रहा है। थोड़ी तल्खी के साथ उन्होंने जवाब दिया, ‘‘अगर मुझे इस्तीफा देना है, तो मैं आपको (मीडियाकर्मियों को) बुलाऊंगा और आपसे परामर्श करूंगा कि त्याग पत्र में क्या लिखना है ताकि आप भाजपा कार्यालय जा सकें और मसौदा प्राप्त कर सकें।’’
सिंह ने इसके साथ ही बताया कि यह एक नियमित बैठक है। वह बोले, ‘‘आप कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं... जद (यू) एक है और एकजुट रहेगी।’’ यही नहीं, दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बातचीत में कुमार ने पार्टी में उथल-पुथल की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि दिल्ली में जद (यू) का दो दिवसीय सम्मेलन एक ‘सामान्य और वार्षिक’ आयोजन है जिसमें ‘कुछ भी असाधारण’ नहीं है।
दरअसल, मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी इन अटकलों की पृष्ठभूमि में आई है कि नीतीश के विश्वासपात्र माने जाने वाले राजीव रंजन सिंह 'ललन' ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि क्या 29 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली जद (यू) की महत्वपूर्ण बैठकों में ललन द्वारा अपने इस्तीफे की औपचारिक पेशकश करने की संभावना है, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया।
