Nitish Kumar In Action Mode: बीते कई दिनों से बिहार की सियासत में उठापटक का दौर देखा गया। नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी आरजेडी और कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा के साथ नई सरकार बना लेते हैं। विरोधियों ने उन्हें जमकर कोसा। इस बीच एक बार फिर से सीएम नीतीश एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
बिहार की नीतीश सरकार का बड़ा फैसला।
नीतीश सरकार ने चार आयोगों को कर दिया भंग
बिहार में नीतीश सरकार का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चार आयोगों के सभी अध्यक्षों और सदस्यों को पद से हटा दिया है। साथ ही सरकार ने आयोग को भंग कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर इन आयोगों को भंग कर दिया है।
- अति पिछड़ा आयोग
- महादलित आयोग
- अनुसूचित जाति आयोग
- अनुसूचित जनजाति आयोग
सीएम नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास रखा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे पहले शनिवार को नए मंत्रिमंडल में विभागों का आवंटन करते हुए गृह विभाग अपने पास रखा जबकि वित्त विभाग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दिया है। एक अधिसूचना के अनुसार, गृह के अलावा कुमार ने कैबिनेट सचिवालय, चुनाव, सतर्कता, सामान्य प्रशासन जैसे प्रमुख विभाग भी अपने पास रखे हैं। साथ ही ‘‘किसी और को आवंटित नहीं किए गए अन्य सभी विभाग’’ मुख्यमंत्री के पास रहेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को क्या मिला?
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को वित्त विभाग का प्रभार सौंपा गया है। भाजपा ने जब भी जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ सत्ता साझा की है तो उसे हमेशा वित्त विभाग मिला है। इससे पहले, जब कुमार कांग्रेस, राजद जैसे घटक दलों वाले ‘महागठबंधन’ के साथ सरकार चला रहे थे, तब स्वास्थ्य, वित्त विभाग जद (यू) के पास था। वित्त के अलावा, चौधरी को स्वास्थ्य विभाग, वाणिज्यिक कर, शहरी विकास एवं आवास, खेल, पंचायती राज, पशुपालन एवं मत्स्य पालन और कानून विभाग दिया गया है।
नीतीश ने किस मंत्री को कौन सा विभाग सौंपा?
अधिसूचना के मुताबिक, भाजपा नेता एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कृषि तथा सड़क निर्माण का अहम प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा, उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार, खनन एवं भूविज्ञान, गन्ना, श्रम संसाधन, कला, संस्कृति एवं युवा मामले, लघु जल संसाधन एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का भी प्रभार दिया गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम कुमार को सहकारिता, ओबीसी एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मिला है। जद (यू) नेता विजय कुमार चौधरी को संसदीय कार्य विभाग, जल संसाधन, परिवहन, भवन निर्माण, शिक्षा और सूचना एवं लोक संसाधन विभाग भी दिया गया है।
वरिष्ठ जद (यू) नेता बिजेंद्र यादव को ऊर्जा, उत्पाद शुल्क, योजना एवं विकास, ग्रामीण कार्य और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
जद (यू) नेता श्रवण कुमार को सामाजिक कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले के अलावा ग्रामीण कल्याण विभाग का प्रभार मिला है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संतोष कुमार सुमन को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मिला है। निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा का प्रभार मिला है।
