हाल ही में भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 20 राज्यों की 76 कंपनियों का निरीक्षण किया गया था। जिसके बाद सरकार द्वारा लाइसेंस रद्द करने की यह कार्रवाई की गई है।खराब दवा बनाने की वजह से कई दवा कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई, 18 दवाई कंपनी के लाइसेंस कैंसिल किए
भारत सरकार ने देश की 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए
देश की फार्मा कंपनियों पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है बता दें कि नकली और खराब दवा बनाने वाली करीब 76 कंपनियों पर शिकंजा कसा गया है। यह वह दवा कंपनियां है जो खराब दवाइयां बना रही थी, और बाजारों में सब स्टैंडर्ड खराब दवाएं बेची जा रही थी।
पिछले 15 दिनों से केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं और आगे भी इस तरह की कार्रवाई चलती रहेगी। आने वाले समय में कई दवाई कंपनियां बंद हो सकती है। बता दें कि कई राज्यों में नकली और सब स्टैंडर्ड दवाएं बेचे जा रहे थे। DCGI (Drugs Controller General of India)ने राज्यों के साथ मिलकर इंस्पेक्शन किया है। 20 राज्यों में कार्रवाई हुई है। सरकार का आधिकारिक आंकड़ा बताता है की भारत में टेस्टिंग के दौरान 2-3% दवाओं के सैंपल फेल हो जाते हैं।
सरकार के ड्राइव का उद्देश्य क्या है ?
नकली नोट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी मिलावटी दवाई का उत्पादन रोकना
दवाई उत्पादन करता द्वारा GMP (Good Manufacturing Practice) का अनुपालन सुनिश्चित कराना
किस तरह के एक्शन सरकार ने लिए हैं-
केंद्र सरकार द्वारा फार्मा कंपनियों पर देशभर में बड़ी कार्रवाई की गई है।नकली दवाई बनाने वालो पर शिकंजा सरकार ने कसा है।कई फार्मा कंपनी अब देश में बंद होगी।
अब तक 20 राज्यों में कार्रवाई हुई है। 203 फार्मा कंपनियों को आईडेंटिफाई किया गया और Phase 1 में 76 दवाई कंपनी पर एक्शन लिया गया। उसमें से 18 कंपनी के लाइसेंस कैंसिल किए गए तो मैन्युफैक्चरिंग बंद करने का आर्डर दिया गया
3 फार्मा कंपनी का प्रोडक्ट परमिशन कैंसिल किया गया और 26 फार्मा कंपनी को शो कॉज नोटिस दिया गया। पहले फेस के बाद यह स्पेशल ड्राइव और कार्रवाई चलती रहेगी।केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ज्वाइंट टीम ने औचक कार्रवाई की है।
इन स्टेट्स और केंद्र शासित प्रदेशों में हुई DCGI की कार्रवाई-
आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गोवा,गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र,पुद्दुचेरी,पंजाब,राजस्थान,सिक्किम,तमिलनाडु,तेलंगाना,उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल
