महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत के बाद नगर प्रशासन ने खतरनाक इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। भिवंडी निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएनसीएमसी) के महापौर नारायण रतन चौधरी ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर की सभी जर्जर और खतरनाक घोषित इमारतों की बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से काट दी जाए,ताकि उन्हें जल्द से जल्द खाली कराया जा सके।
भिवंडी हादसे के बाद सख्त हुई कार्रवाई। (फोटो- PTI)
शुक्रवार को बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग ढहने की घटना के बाद महापौर ने आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत छह वर्ष पहले ही खतरनाक घोषित की जा चुकी थी। इस बैठक के दौरान उप आयुक्त (अनधिकृत निर्माण) विक्रम दराडे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 238 इमारतें C1 श्रेणी में हैं, जिन्हें अत्यंत खतरनाक मानते हुए तत्काल गिराया जाना चाहिए। इसके अलावा 836 इमारतें C2A श्रेणी में हैं, जिन्हें बड़े पैमाने पर मरम्मत और खाली कराने की जरूरत है।
महापौर ने निर्देश दिया कि C1 और C2A श्रेणी की सभी इमारतों की बिजली और पानी की आपूर्ति तुरंत बंद की जाए। उन्होंने कहा कि भवन मालिकों और निवासियों को जारी किए जाने वाले निष्कासन नोटिस के साथ मौके पर किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट भी संलग्न की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को अस्थायी आश्रय की जरूरत होगी, उन्हें नगर निगम की इमारतों में पांच से छह दिन तक ठहराने की व्यवस्था की जाएगी।
महापौर के निर्देश के अनुसार, बिजली वितरण कंपनी टोरेंट पावर खतरनाक इमारतों के बिजली कनेक्शन काटेगी, जबकि वार्ड अधिकारियों को समय पर कंपनी को आधिकारिक सूचना भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा,वार्ड अधिकारियों को दिन और रात दोनों समय औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जर्जर इमारतों में अवैध मरम्मत कार्य को रोका जा सके।
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए वाहन विभाग को प्रत्येक वार्ड के लिए जरूरत के अनुसार बड़े डंपर और जेसीबी मशीन किराये पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, वार्ड अधिकारियों के लिए नई बोलेरो गाड़ियों की खरीद का प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को नई एम्बुलेंस खरीदने का प्रस्ताव तैयार करने और आपदा प्रबंधन विभाग के लिए तत्काल एक समर्पित एम्बुलेंस किराये पर लेने के निर्देश दिए गए हैं। ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार, इस मानसून सीजन में भवन ढहने सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर ठाणे नगर आयुक्त सौरभ राव ने भी शहर की सभी C1 श्रेणी की इमारतों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इमारत खाली कराने के दौरान किरायेदारों और फ्लैट मालिकों के संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा के लिए उन्हें कारपेट एरिया मापन प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को नगर निगम के ट्रांजिट कैंपों में अस्थायी आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा।
