Bharat Forge Pratt Whitney HALE UAV Partnership: भारत की एक कंपनी और अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि वे भारत के अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम (HALE) मानवरहित विमान के विकास में सहयोग करेंगे। एक संयुक्त बयान में 'भारत फोर्ज' और 'प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा' ने कहा कि वे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक कार्यक्रम के तहत डिजाइन और विकसित किए जा रहे एचएएलई मानवरहित विमान (UAV) में उन्नत टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन करेंगे। 'प्रैट एंड व्हिटनी' अमेरिका स्थित आरटीएक्स एक उपक्रम है।
रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' को बड़ा बढ़ावा: भारत फोर्ज और प्रैट एंड व्हिटनी करेंगी सहयोग; HALE ड्रोन के लिए तैयार होगा एडवांस्ड इंजन
यह सहयोग सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत भारत में स्वदेशी मानवरहित हवाई प्रणालियों के विकास के प्रयासों को बढ़ावा देगा। एचएएलई यूएवी जमीन और समुद्री क्षेत्रों में लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और टोह लेने के अभियान संचालित करने में सक्षम होते है।
'भारत फोर्ज इंजन को विमान के ढांचे में जोड़ने का काम संभालेगी'
बयान में कहा गया, 'प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा इंजन की अनुकूलता, प्रदर्शन और उसे विमान में लगाने से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन करेगी। भारत फोर्ज इंजन को विमान के ढांचे में जोड़ने का काम संभालेगी। इसमें इंजन की स्थापना की डिजाइन और विभिन्न प्रणालियों के बीच समन्वय से जुड़े काम शामिल होंगे। इस काम के लिए वह अपनी उन्नत इंजीनियरिंग, विनिर्माण और एयरोस्पेस प्रणालियों से जुड़ी क्षमताओं का इस्तेमाल करेगी।'
बयान में भारत फोर्ज लिमिटेड के उपाध्यक्ष और संयुक्त प्रबंध निदेशक अमित कल्याणी के हवाले से कहा गया, 'भारत फोर्ज का एयरोस्पेस कारोबार भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा के साथ सहयोग करने पर गर्व महसूस करता है।'
उन्होंने कहा, 'प्रैट एंड व्हिटनी की दुनिया भर में प्रमाणित प्रणोदन तकनीक को भारत फोर्ज की इंजीनियरिंग और प्रणालियों के एकीकरण से जुड़ी विशेषज्ञता के साथ मिलाकर हमारा लक्ष्य विश्वस्तरीय एचएएलई मंच के विकास में सहयोग करना है, जो भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगा।'
प्रैट एंड व्हिटनी के उपाध्यक्ष और भारत प्रमुख आशीष सराफ ने कहा कि भारत फोर्ज के साथ यह सहयोग भारत की एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं में सहयोग देने की कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा के टर्बोप्रॉप इंजन कठिन परिचालन परिस्थितियों में अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुके हैं। भारत के एचएएलई कार्यक्रम के लिए ठीक ऐसी ही क्षमता की जरूरत है।'
