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‘ऑपरेशन सिंदूर' के वक्त हिंदी खबरों की दर्शक संख्या 2016 के ‘सर्जिकल स्ट्राइक' के दिनों से अधिक: BARC

BARC के मुताबिक 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान 15 से ज्यादा हिंदी स्पीकिंग मार्केट में हिंदी टीवी न्यूज का शेयर जो कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले से पहले चार प्रतिशत था, वह बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया।

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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खूूब देखे गए हिंदी न्यूज चैनल।

‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) ने सोमवार को कहा कि हिंदी भाषी बाजारों में भारतीय सशस्त्र बलों के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान टेलीविजन समाचार दर्शकों की संख्या 2016 के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के आसपास के दिनों में दर्ज समाचार दर्शकों की संख्या से अधिक रही। बार्क ने कहा कि 15 से अधिक एचएसएम (हिंदी भाषी बाजारों) में हिंदी टीवी समाचार की हिस्सेदारी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सप्ताह के दौरान बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई, जो 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले से पहले चार प्रतिशत थी।

29 सितंबर, 2016 को हुआ 'सर्जिकल स्ट्राइक'

इस संस्था ने कहा कि यह ‘2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान हासिल हिस्सेदारी से अधिक है।’ भारतीय सशस्त्र बलों ने उरी में सैन्य अड्डे पर हुए घातक आतंकवादी हमले के जवाब में 29 सितंबर, 2016 को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर ‘सर्जिकल’ हमले किए थे।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला

पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों के मारे जाने के कुछ दिनों बाद, छह मई की देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में कम से कम नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया।

रिपोर्टिंग की गुणवत्ता पर चिंताएं जताई गई थीं

टीवी दर्शकों की संख्या में वृद्धि दर्शाने वाले नवीनतम आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान रिपोर्ट की सत्यता और प्रस्तुतिकरण शैली को लेकर रिपोर्टिंग की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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