Ayodhya Gangrape Case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक नाबालिग से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किए गए समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद मोइद खान का आपराधिक गतिविधियों का एक लंबा इतिहास है। लेकिन इलाके में उसके राजनीतिक प्रभाव ने स्थानीय सरकारों और कानूनी एजेंसियों को उसके खिलाफ कार्रवाई करने से रोक दिया। अयोध्या में 12 साल की बच्ची से रेप के आरोप में मोइद खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। 12 साल में उसके खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
मोइद खान की क्राइम कुंडली
विभिन्न संपत्तियों को ध्वस्त करना शुरू
उसकी गिरफ्तारी के बाद अब अधिकारियों ने उसकी विभिन्न संपत्तियों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। मोइद खान का प्रभाव दो दशकों में समाजवादी पार्टी में शक्तिशाली हस्तियों के साथ उनके संबंधों के जरिए विकसित हुआ था। वह विशेष रूप से भद्रसा नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद राशिद का करीबी था, जिसके पिता मोहम्मद अहमद भी महत्वपूर्ण प्रभाव रखते थे।
2012 दुर्गा पूजा दंगे
इंडिया टुडे के मुताबिक, मोइद खान से जुड़ी सबसे अहम घटनाओं में से एक 24 अक्टूबर, 2012 को सामने आई थी। भद्रासा में दुर्गा पूजा जुलूस के दौरान एक सांप्रदायिक दंगा भड़क गया था जिसमें हिंदू जुलूस पर हमला हुआ था और भोला गुप्ता नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मोहम्मद अहमद के साथ मोइद खान पर दंगा भड़काने और हत्या का आरोप लगा था। हालांकि मोइद को एक एफआईआर के बाद जेल में डाल दिया गया था, लेकिन उनका प्रभाव इतना गहरा था कि उसक कुछ नहीं बिगड़ा। कहा जाता है कि भद्रसा पुलिस चौकी कथित तौर पर उनके आवास से संचालित होती थी। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पुलिस चौकी मोइद के घर में नहीं बल्कि एक करीबी सहयोगी की जमीन पर थी।
सत्ता में पैठ का उठाया फायदा
2012 में मोहम्मद अहमद के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों का लाभ उठाते हुए मोइद खान समाजवादी पार्टी के नगरपालिका अध्यक्ष बना, जिस पद पर वह अब भी कायम है। अहमद के संरक्षण में मोइद ने सरकारी और गरीब लोगों की जमीनों पर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया। मोइद खान के छह बच्चे हैं, चार बेटे और दो बेटियां। अपनी सीमित शिक्षा के बावजूद केवल मदरसे में पढ़ने के बाद मोइद ने काफी धन और प्रभाव हासिल किया।
रिश्तेदारों की विदेशों में कमाई को निवेश में लगाया
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण राजस्व विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित एक निजी बैंक वाला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी कथित तौर पर विदेश में रहने वाले उसके एक रिश्तेदार का था। मोइद की हालिया गिरफ्तारी के बाद कई दलित परिवार उस पर जमीन जब्त करने का आरोप लगाते हुए सामने आए हैं। जिला प्रशासन फिलहाल उसकी संपत्तियों की जांच कर रहा है और संदेह है कि मोइद ने अपने रिश्तेदारों की विदेशी कमाई का कई संपत्तियों में निवेश किया है। उसके और उसके सहयोगियों के नाम पर संपत्तियां अब जांच के दायरे में हैं।
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