जहां बंद था, फिर वहीं पहुंच गया Atique Ahmed: समझें- Sabarmati Jail क्यों है अपराधियों की फेवरेट जेल?

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 29, 2023, 10:48 PM IST

दरअसल, फूलपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) का पूर्व सांसद अतीक अहमद जून 2019 में तब गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था, जब उत्तर प्रदेश में जेल में रहने के दौरान रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया गया था।

माफिया और गैंगस्टर से नेता बना अतीक अहमद बुधवार (29 मार्च, 2023) को कड़े सुरक्षा बंदोबस्तों के बीच शाम को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल वापस लाया गया। वह पहले भी इसी जेल में बंद था और उमेश पाल किडनैपिंग केस (साल 2006 के) में सजा के लिए उसे हाल में उत्तर प्रदेश की पुलिस उसके गृह राज्य प्रयागराज लेकर गई थी, जहां मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में उसे दोषी करार दिए जाने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। पर आखिरकार वह वापस उसी जेल में क्यों लाया गया, जहां वह पहले बंद था और आखिरकार यह जेल किस वजह से अपराधियों के लिए लंबे समय से पसंदीदा ठिकाना रही है...आइए, जानते हैं इसी बारे में:

साबरमती सेंट्रल जेल ही अहमदाबाद शहर की मुख्य कारागार है, जिसकी स्थापना साल 1895 में हुई थी। इसी जेल में हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी कुछ दिन रहना पड़ा था और यह साल 1922 के आसपास की बात है। वैसे, यह जेल कैदियों के सुधार, पुनर्वास और पुनःएकीकरण सरीखी गतिविधियों के लिए लंबे समय से गढ़ रही है।

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