असम की हिमंता बिस्वा सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए। इनमें जुलाई 2026 में शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्र से CBI जांच की सिफारिश करने का फैसला शामिल है। इसके साथ ही एक से ज्यादा शादी करने वालों पर भी कार्रवाई को लेकर असम सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी है। नए नियमों के मुताबिक, बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को विभागीय कार्रवाई के बाद बर्खास्त किया जाएगा।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बाढ़ की CBI जांच कराने का अनुरोध करेगी। हालांकि, जांच CBI को सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार के हाथ में होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जुलाई 2026 में आई अभूतपूर्व बाढ़ के पीछे की वास्तविक वजह जानना चाहती है। गौरतलब है कि पूर्वी असम में दिक्खौ नदी के उफान ने चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया था कि नगालैंड की ओर नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई।
बहुविवाह करने पर सरकारी कर्मचारी की जाएगी नौकरी
साथ ही कैबिनेट बैठक में असम सरकार ने बहुविवाह के खिलाफ भी सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत नियम 7 में नया क्लॉज 6 जोड़ा गया है।
इस प्रावधान के मुताबिक, बहुविवाह में शामिल पाया गया कोई भी सरकारी कर्मचारी विभागीय जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौकरी से बर्खास्त किया जा सकेगा। ऐसे कर्मचारी को भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए भी अयोग्य माना जाएगा।
सीएम सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नियम किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद यह प्रावधान हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा।
बता दें कि असम विधानसभा ने 27 मई को समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 पारित किया था। इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए धर्म से परे एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। 13 अक्टूबर को गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने बताया था कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। कानून लागू करने के लिए राज्य सरकार ने इसके नियम तैयार करने हेतु एक समिति भी गठित की है।
असम में बनेगा राज्य का पहला डिफेंस पार्क
कैबिनेट ने मोरीगांव जिले के नेल्ली में करीब 6,000 बीघा जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दी है। लगभग 1,984 एकड़ में राज्य का पहला डिफेंस पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में रोपवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और असम सरकार के बीच समझौते को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पांच अलग-अलग मार्गों पर रोपवे विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य परिवहन के नए और आधुनिक विकल्प तैयार करना है।
किसानों को अब 2,640 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे
किसानों को राहत देने के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। खरीफ विपणन सीजन (KMS) के दौरान किसानों को प्रति क्विंटल 200 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस फैसले के बाद किसानों को अब कुल 2,640 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे। इसके साथ ही 'विकसित असम' के लक्ष्य के तहत सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए 13 राज्य स्तरीय क्षेत्रीय परिषदों के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
