Asaduddin Owaisi: सरकार द्वारा पासपोर्ट को केवल एक 'ट्रैवल डॉक्युमेंट' बताए जाने के बाद नागरिकता बताने वाले दस्तावेजों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सरकार पर विपक्ष हमलावर हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। अपने X अकाउंट पर ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि सरकार के मुताबिक कोई भी दस्तावेज नागरिकता का पूर्ण प्रमाण नहीं है। 2023 तक बस केवल एक दस्तावेज नागरिकता का प्रमाण होगा। अपने ट्वीट के साथ ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी लिखा हुआ आईडी कार्ड साझा किया है।
AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी।
भारतीय पासपोर्ट केवल यात्रा दस्तावेज-MEA
केंद्र सरकार ने भारतीय पासपोर्ट को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है और इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम या कानूनी प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय (MEA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि भारतीय पासपोर्ट एक "यात्रा दस्तावेज" है, न कि "नागरिकता दस्तावेज"। यह बयान 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर दिया गया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना और विदेशों में पहचान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने से पहले कई सरकारी एजेंसियों के दस्तावेजों और प्रक्रियाओं के आधार पर विस्तृत सत्यापन किया जाता है।
आधार कार्ड भी नागरिकता का पूर्ण प्रमाण नहीं
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को जारी किए जाते हैं, लेकिन इस दस्तावेज का प्राथमिक उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सक्षम बनाना और विदेश में पहचान स्थापित करना है। इससे पहले भी आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेजों को नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करने पर सवाल उठाए जा चुके हैं। अब विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद लोगों में इस बात की चर्चा फिर शुरू हो गई है कि आखिर भारतीय नागरिकता बताने वाला उनके पास कोई एक पूर्ण दस्तावेज है कि नहीं।
