Parliament Special Session: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि चीन सीमा पर "गंभीर" स्थिति पर एक व्यापक और स्वतंत्र रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए, जिसे देश के सामने पेश किया जाए। उन्होंने इस स्थिति पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
PM मोदी पर बरसे ओवैसी
अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव जारी रहने संबंधी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में सीमा पर वास्तविक स्थिति को लोगों से छिपाने का एक सिलसिला रहा है।
'संसद में नहीं होती कोई चर्चा'
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संसद में कोई चर्चा नहीं होती, सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी जाती, प्रधानमंत्री मोदी कोई संवाददाता सम्मेलन नहीं करते और जब उन्होंने जून 2020 में इस मुद्दे पर बात की भी थी, तब उन्होंने दावा किया था कि भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी सैनिक नहीं है। जाहिर है, यह बात सही या तथ्यात्मक नहीं थी।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, "चीन के साथ अरुणाचल सीमा पर स्थिति को लेकर आईटीबीपी के महानिदेशक की पुष्टि बेहद चिंताजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मोदी सरकार ने देश को इस बारे में अंधेरे में रखने का सुनियोजित प्रयास किया है कि वहां क्या हुआ है। मैंने पहले भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन सरकार से कोई जवाब नहीं मिला। अब हमें पता चला है कि ऐसा क्यों हुआ।"
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समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, ओवैसी ने कहा कि आईटीबीपी प्रमुख के बयान के बाद यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि अरुणाचल प्रदेश में कितने स्थानों पर "चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की है, हमारी गश्त रोक दी है, नागरिकों को रोका है और वहां से हटने से इनकार कर रहे हैं।" एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि देश को यह भी जानना चाहिए कि यह स्थिति कितने महीनों से जारी है और इस दौरान सरकार चीन के प्रति दोस्ताना रुख क्यों अपनाए रही।
