Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी लगातार बारिश आफत बनकर बरसी है। अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे जिले में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सरकारी संपत्तियों से लेकर रिहायशी इलाकों को इस बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन और राहत टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्यों में काफी चुनौतियां आ रही हैं।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़
कॉलेज रोड और ऐतिहासिक चर्च को भारी नुकसान
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के चलते जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के 'अपर कैंपस' को जोड़ने वाली लिंक रोड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा, बाढ़ के तेज बहाव के कारण ऐतिहासिक 'रुन्ने चर्च' (Runne Church) और लेतोंग कोरॉन्ग (Letong Korong) नदी पर बने पुल को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
उफान पर नदियां
जिले की कई छोटी-बड़ी नदियां और नाले इस वक्त खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं: उफान पर चल रहीं सिले (Sile) और सिबो कोरॉन्ग (Sibo Korong) नदियों का पानी पासीघाट के आस-पास के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में घुस गया है, जिससे कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। लेदुम गांव में देंगकाम (Dengkam) नदी के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। यहां बाढ़ के तेज बहाव में कई घर ढह गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर और असहाय हो गए हैं। ओवरफ्लो हो रही बियोंग कोरॉन्ग (Besong Korong) नदी ने टाकी लालुंग और बोगोंग-I के हिस्सों में भारी तबाही मचाई है।
नेशनल हाईवे-415 जलमग्न
बाढ़ का असर सड़क संपर्क पर भी बुरी तरह पड़ा है। नेशनल हाईवे-415 (NH-415) का एक बड़ा हिस्सा लेकु और रानी गांव के पास पानी में डूब गया है। राजमार्ग पर पानी भर जाने के कारण वाहनों और लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
भारतीय सेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
इस बिगड़ते हालात के बीच राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। ओयान क्षेत्र में बाढ़ के बीच फंसे एक नागरिक को भारतीय सेना के जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित बाहर निकाला। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें जान जोखिम में डालकर प्रभावित लोगों की मदद कर रही हैं। पूर्वी सियांग जिला प्रशासन ने बिगड़ते मौसम को देखते हुए नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जब तक कोई आपातकालीन स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी न हो, तब तक गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें। नदियों और जलभराव वाले इलाकों के पास न जाएं और पूरी तरह सतर्क रहें।
