लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वार्षिक विधि सम्मेलन में एक बार फिर केंद्र सरकार और उसके कानूनी ढांचे पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें धमकाने के लिए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजा गया था। राहुल गांधी ने कहा कि जेटली ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर वे सरकार का विरोध जारी रखेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फोटो- @rahulgandhi)
'अरुण जेटली की जेल की धमकी'
राहुल गांधी ने सभा में याद किया, “मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था और अरुण जेटली उस समय थे। मुझे धमकाने के लिए वे मुझे मिले और कहा कि यदि मैं इस रास्ते पर चलता रहा, तो सरकार कार्रवाई करेगी। मैंने उन्हें जवाब दिया- मैंने उनकी तरफ देखा और कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं, क्योंकि हम कांग्रेस के लोग हैं, हम कायर नहीं हैं।"
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप
राहुल गांधी ने इस दौरान केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से ही मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका थी, खासकर गुजरात जैसे राज्यों में, जहां कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा शक था कि कुछ तो गड़बड़ है। जब हमने सवाल किए तो जवाब में हमें ‘सबूत कहां है’ कहा गया। लेकिन हमने महाराष्ट्र के मतदाता डेटा की गहन जांच की, जिसमें लाखों मतदाताओं के फोटो और नामों का मैनुअल मिलान किया। एक निर्वाचन क्षेत्र में 6.5 लाख वोट पड़े, जिनमें से 1.5 लाख फर्जी पाए गए।”
