सीएम रेड्डी की अपील पर 130 माओवादियों ने डाले हथियार; समाज की मुख्यधारा में लौटे

तेलंगाना में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है, जहां करीब 130 सीपीआई (माओवादी) कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अपील के बाद हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण में बड़ी संख्या में हथियार और जिंदा कारतूस भी सुरक्षा बलों को सौंपे गए। इसे राज्य में शांति स्थापित करने और नक्सली गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Telangana News: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अपील का असर देखने को मिला है। उनकी पहल के बाद करीब 130 सीपीआई (माओवादी) कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण के दौरान इन कैडरों ने कुल 124 हथियार और 5205 जिंदा कारतूस सुरक्षा बलों के सामने जमा किए। अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में पीएलजीए के हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के लिहाज से यह सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में माओवादी नक्सलियों ने अपनी पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के साथ औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इस दौरान कुल 134 हथियार और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस सौंपे गए, जिनमें 31 एके-47 राइफलें भी शामिल हैं।

Telangana Chief Minister Revanth Reddy (Photo: PTI)

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (फोटो: पीटीआई)

आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं होंगी उपलब्ध

एओबी क्षेत्र के प्रमुख नेता चलसानी नवाथा ने भी अपने साथियों के साथ हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इस कदम को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी लड़ाकू क्षमता पर असर पड़ा है और क्षेत्र में जारी नक्सली गतिविधियों को भी कमजोर करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों और जमा कराए गए हथियारों के लिए पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान माओवादियों ने कुल 124 हथियार, 222 मैगजीन और 5205 जिंदा कारतूस सुरक्षा बलों को सौंपे। बताया जा रहा है कि सीपीआई (माओवादी) कैडरों का यह सामूहिक समर्पण मुख्यमंत्री की 21 अक्टूबर 2025 को की गई उस अपील के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य व समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया था।

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