अरावली रेंज में नहीं खोली गई कोई नई खदान, सरकार का क्या है प्लान? पर्यावरण मंत्री ने असल मुद्दा बताते हुए SC के फैसले पर दिया ये जवाब

Aravalli Hills News: भूपेंद्र यादव ने कहा कि अरावली रेंज सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। हमने ग्रीन अरावली वॉल आंदोलन भी शुरू किया। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि ये पर्वत श्रृंखलाएं हरी-भरी रहें। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दो बातें कहीं, जिन्हें लोग छिपा रहे हैं।

Aravalli Hills Protest: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि अरावली रेंज सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि ये पर्वत श्रृंखलाएं हरी-भरी रहें। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिए मानक भी स्थापित किए जाने चाहिए। हमने ग्रीन अरावली वॉल आंदोलन भी शुरू किया... मुद्दा यह है कि अरावली रेंज की परिभाषा सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दो बातें कहीं, जिन्हें लोग छिपा रहे हैं।

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पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली के मुद्दे पर क्या कहा?

ANI को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दो बातें कहीं, जिन्हें लोग छिपा रहे हैं। पहला, पहले ही पैराग्राफ में, उन्होंने पर्यावरण, वन मंत्रालय के ग्रीन अरावली वॉल आंदोलन की सराहना की। दूसरा, उन्होंने पूछा- अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज में क्या शामिल है? तो, दुनिया भर के भूविज्ञानी, रिचर्ड मर्फी द्वारा दी गई एक मानक परिभाषा को स्वीकार करते हैं कि 100 मीटर ऊंची पहाड़ी को पहाड़ माना जाता है। सिर्फ उसकी ऊंचाई ही उसे पहाड़ के रूप में परिभाषित नहीं करती। ऊंचाई से लेकर जमीन के स्तर तक, पूरे 100 मीटर की सुरक्षा की जाती है... 90 प्रतिशत क्षेत्र सुरक्षित है...'

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