One Nation One Election(वन नेशन, वन इलेक्शन पर अमित शाह): अमित शाह ने ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट के 8वें संस्करण में ग्रुप एडिटर इन चीफ, टाइम्स नाउ नवभारत एंड टाइम्स नाउ नाविका कुमार के साथ इंटरव्यू के दौरान वन नेशन-वन इलेक्शन को लेकर जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब देश की जनता को तय करना चाहिए कि वन नेशन-वन इलेक्शन पर होना चाहिए कि नहीं।
एक राष्ट्र-एक चुनाव पर क्या बोले अमित शाह?
वन नेशन- वन इलेक्शन पर मार्च में आएगी रिपोर्ट: अमित शाह
इंटरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में देश के गृह मंत्री अमित शान ने कहा कि 'वन नेशन- वन इलेक्शन देश की जनता को तय करना है इस पर कमेटी बनाई गई है, जो कई बुद्धजीवियों से बात कर रही है। मार्च के शुरुआत में कमेटी रिपोर्ट आ जाना चाहिए। उसके तुरंत बाद चुनाव होने हैं। अब देश की जनता को तय करना चाहिए कि वन नेशन-वन इलेक्शन पर होना चाहिए कि नहीं।'
यह चुनाव NDA बनाम INDIA के बीच नहीं- अमित शाह
लोकसभा चुनाव से संबंधित एक सवाल पर अमित शाह ने कहा, यह चुनाव एनडीए बनाम INDIA गठबंधन के बीच नहीं है। यह चुनाव घोर निराशाा बनाम और उज्जवल भविष्य के बीच में है। यह चुनाव भ्रष्टाचार से युक्त शासन और जीरो टॉलरेंस के बीच में है। यह चुनाव आतंकियों के साथ बातचीत करने के वाली नीतियों वाले दलों और आतंक को खत्म करने वालों के बीच में है। यह चुनाव 80 करोड़ गरीबों के जीवन में पूरी सुविधा देकर भारत के विकास में लाने वालों और गरीबी हटाओ का नारा देने वाले लोगों के बीच में है।
अमित शाह: लोकसभा चुनाव से पहले जारी होग CAA का नोटिफिकेशन
अमित शाह ने कहा, CAA कानून लोकसभा चुनाव से पहले अमल में आएगा। इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इस पर किसी को कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह किसी की नागरिकता छीनने का कानून नहीं है।
समान नागरिक संहिता पर क्या बोले अमित शाह?
समान नागरिक संहिता, भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा जनसंघ के समय से रहा है। हालांकि, यह संविधान का विषय है। संविधान निर्माताओं ने कहा है कि जब अनुकूल समय आए तब समान नागरिक संहिता बननी चाहिए। उस पर खुद जवाहर लाल नेहरू के हस्ताक्षर हैं। यूसीसी का उत्तराखंड का जो कानून आया है, उस पर सामाजिक और धार्मिक बहस होनी चाहिए।
भारत रत्न पर राजनीति पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने भारत रत्न के ऐलान के बाद हो रही राजनीति पर कहा कि चाहे चौधरी चरण सिंह हों, नरसिम्हा राव हों या एमएस स्वामीनाथन हों - इन सभी लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चौधरी चरण एक मात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने इस मुद्दे पर नेहरू का विरोध किया और कांग्रेस छोड़ी कि किसान की भूमि पर किसान का अधिकार है। इसी तरह, पीवी नरसिम्हा राव ने कांग्रेस को एक संस्था बनाने के लिए उन्होंने बड़ा योगदान दिया। एमएस स्वामीनाथन ने भारत में हरित क्रांति लाई, उनके योगदान को भूला नहीं जा सकता।
