Amit Shah On Naxalism: लोकसभा में नक्सलवाद पर हुई चर्चा का गृह मंत्री अमित शाह जवाब दे रहे हैं। बता दें कि अमित शाहने कहा कि देश में नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च की डेडलाइन तय की है। सदन में चर्चा में हिस्सा लेते हुए अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सफलता का जिक्र किया।
अमित शाह ने नक्सलवाद का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना। ANI
अमित शाह ने कहा कि नक्सली वोट से नहीं, बुलेट से सत्ता चाहते हैं। नक्सलियों से लड़ते हुए पांच हजार जवान शहीद हुए. कुछ लोग बातों से नहीं मानते। बच्चों का अपहरण कर उनको नक्सली बनाया गया। किसानों के खेत में बारूद बिछाकर उनको बगैर पैर का बना दिया गया। हमने करीब दो हजार आर्टिकल पढ़े, जिनमें नक्सलियों की वकालत की गई। मैं इनको मानवतावादी नहीं मानता। मानवतावादी होते, तो उन बच्चों की भी बात करते। किसानों की भी बात करते। मानवतावादी दृष्टिकोण एकतरफा नहीं हो सकता।
अमित शाह ने बस्तर को लेकर क्या-क्या कहा?
अमित शाह ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए बक्सर की विस्तार से चर्चा की। अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने मूवमेंट के लिए बस्तर को ही क्यों चुना, इसे विस्तार से बताना चाहता हूं। देश लंबी गुलामी से आजाद हुआ था। रेवेन्यू सीमित था। कई जगह दूर-दराज के इलाकों तक स्टेट की पहुंच कम थी। विकास नहीं पहुंचा था। जहां स्टेट पहुंचा ही नहीं था, वहां अत्याचार की बात कहां से आ गई। सच्चाई तो यह है कि जहां तक स्टेट की पहुंच कम थी, उन इलाकों को रेड कॉरिडोर के लिए चुना गया।
उन्होंने आगे कहा कि जो आदिवासी तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा को अपना हीरो मानता रहा था, वह अचानक माओ को अपना हीरो क्यों मानने लगा। आदिवासियों को माओवादियों ने बरगलाया। उनको लगा कि थोड़ा पढ़-लिख जाएगा तो हमारे साथ नहीं रहेगा। माओवादियों ने स्कूल, बैंक जला दिया। विकास को उन तक पहुंचने ही नहीं दिया। गरीबी के कारण नक्सलवाद नहीं फैला, नक्सलवाद के कारण इन इलाकों में वर्षों तक गरीबी रही। यह गरीबी के कारण नहीं फैला, इसकी जड़े वैचारिक रहीं।
भूपेश बघेल को लेकर क्या बोले अमित शाह?
वहीं, अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म होने को लेकर हुई देरी का भी जिक्र किया। अमित शाह ने इस देरी के लिए कांग्रेस और तत्कालीन भूपेश बघेल को दोषी ठहराया। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने नक्सलवादियों को बचाकर रखा। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि मुझे किसी व्यक्ति के सामने नहीं करना है। भूपेश बघेल को पूछो प्रूफ दूं क्या यहां पर। हां बोलें तो बोलो, वरना फंस जाओगे।
उन्होंने आगे कहा कि 2023 में छत्तीसगढ़ में सरकार बदली और दूसरे ही महीने वहां गया था। बीजेपी की सरकार ने पूरे सहयोग का आश्वासन दिया था। 24 अगस्त 2024 को हमने यह ऐलान किया कि 31 मार्च 2026 को हम नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।
